चंडीगढ़ में भवन नक्शे की मंजूरी अब होगी आसान, हर कदम की मिलेगी ऑनलाइन जानकारी
चंडीगढ़ में भवन निर्माण योजनाओं की मंजूरी अब ऑनलाइन और आसान होगी। बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और फाइल की स्थिति जानने के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

भवन नक्शों की मंजूरी के लिए अब नहीं लगेगा ज्यादा समय। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
अधिकारियों के लिए रीयल-टाइम निगरानी डैशबोर्ड होगा।
वास्तुकारों के स्व-प्रमाणीकरण से प्रक्रिया होगी तेज और पारदर्शी।
एसएमएस-ईमेल अलर्ट से नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। भवन निर्माण नक्शे पास कराने के लिए अब लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने और फाइल की स्थिति जानने के लिए इंतजार करने की जरूरत नहीं होगी।
आवेदन जमा होने के बाद दस्तावेजों की जांच, शुल्क की गणना, तकनीकी एनओसी और अंतिम स्वीकृति तक प्रत्येक चरण की सूचना आवेदक को स्वचालित रूप से एसएमएस और ई-मेल के माध्यम से मिलती रहेगी।
प्रशासन ने भवन योजना अनुमोदन की ऑनलाइन व्यवस्था को बहु-श्रेणी स्तर पर लागू कर दिया है। इसमें आवासीय के साथ वाणिज्यिक और औद्योगिक प्लाॅट्स को भी शामिल किया गया है।
योग्य वास्तुकारों के स्व-प्रमाणीकरण की सुविधा, हर चरण पर एसएमएस व ई-मेल अलर्ट और अधिकारियों के लिए रीयल-टाइम डैशबोर्ड से नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने का प्रयास किया गया है ।
प्रशासन के अनुसार अप्रैल 2022 में शुरू की गई ऑनलाइन भवन योजना अनुमोदन प्रणाली को अब व्यापक स्तर पर लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य भवन नक्शों की मंजूरी में लगने वाले समय को कम करना और आवेदकों को प्रक्रिया की जानकारी घर बैठे उपलब्ध कराना है।
वास्तुकार खुद कर सकेंगे प्रमाणीकरण
प्रणाली के तहत काउंसिल आफ आर्किटेक्चर (सीओए) में पंजीकृत योग्य वास्तुकारों को आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक प्लाटो के लिए स्व-प्रमाणीकरण योजना के तहत भवन योजनाएं प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई है।
इससे सामान्य प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करने में मदद मिलेगी । प्रशासन का मानना है कि इससे वास्तुकारों और आवेदकों पर अनुपालन का बोझ भी कम होगा और निर्धारित नियामक समयसीमा में मंजूरी की प्रक्रिया पूरी करने में तेजी आएगी।
फाइल कहां अटकी, तुरंत पता चलेगा
ऑनलाइन प्रणाली में अधिकारियों और विभागाध्यक्षों के लिए विशेष डैशबोर्ड तैयार किया गया है। इसमें भवन योजना की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में लंबित मामलों की रीयल-टाइम स्थिति देखी जा सकेगी। इससे किसी स्तर पर फाइल लंबित रहने पर उसकी निगरानी करना आसान होगा। साथ ही सिटीजन चार्टर में निर्धारित समयसीमा के पालन पर भी नजर रखी जा सकेगी।
दफ्तर के चक्कर और मैनुअल फाॅलोअप में आएगी कमी
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा आवेदकों को यह होगा कि उन्हें आवेदन की स्थिति जानने के लिए बार-बार संबंधित कार्यालय से संपर्क नहीं करना पड़ेगा। दस्तावेजों की जांच से लेकर अंतिम मंजूरी तक सिस्टम के माध्यम से अपडेट मिलते रहेंगे।
इससे प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने के साथ आवेदकों का समय भी बचेगा। उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने कहा कि यह पहल भवन योजना अनुमोदन प्रक्रिया को तेज, सरल और अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि वास्तुकारों का स्व-प्रमाणीकरण, समय पर एसएमएस और ईमेल अपडेट तथा रीयल-टाइम निगरानी डैशबोर्ड देरी कम करने और आवेदकों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने में मदद कर रहे हैं। प्रशासन तकनीक के माध्यम से नागरिकों को अधिक कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
