जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ के डड्डूमाजरा स्थित डंपिंग ग्राउंड में लगे कूड़े के पहाड़ शहर के लोगों की सबसे बड़ी परेशानी है। इससे डड्डूमाजरा के लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ऐसे में जल्द ही शहरवासियों और डड्डूमाजरा के लोग को डंपिंग ग्राउंड के कचरे से मुक्ति मिल जाएगी। डंपिंग ग्राउंड की 8 एकड़ जमीन पर कचरे का नया पहाड़ बना हुआ उसे प्राेसेस करने का टेंडर नगर निगम ने अलाट कर दिया गया है। कचरे को प्रोसेस करने का काम अगले महीने से शुरू हो जाएगा। जबकि पहले के कचरे के पहाड़ को प्रोसेस करने का काम चल रहा है, जिस पर 33 करोड़ रुपये का खर्च किए जा रहे हैं।

नए कचरे के पहाड़ को प्रोसेस करने के लिए 70 करोड़ रुपये का खर्चा आएगा। डंपिंग ग्राउंड एक बड़ा मुद्दा है जो सिटी ब्यूटीफुल पर दाग है। अगर यह कचरे का पहाड़ हट गया तो इसका स्वच्छ सर्वेक्षण रैंकिंग में शहर को काफी फायदा मिलेगा।

चंडीगढ़ नगर निगम का नया गारबेज प्रोसेसिंग प्लांट लगाने की भी योजना है। जिसमें कचरे से बिजली तैयार की जाएगी। कुल 45 एकड़ का डंपिंग ग्राउंड है, जिनमें से 7.67 लाख मिट्रिक टन कचरे का नया पहाड़ बना हुआ है। इसके लिए नगर निगम को 77 करोड़ रुपये चाहिए। यह नया पहाड़ 10 मीटर ऊंचा है। नगर निगम का कहना है कि यह कचरा साल 2005 के बाद का है। इसके लिए गारबेज प्लांट चलाने वाली जेपी कंपनी जिम्मेदार है, जिन्होंने प्लांट में पूरा कचरा प्रोसेस किए बिना यहां पर कचरा का पहाड़ लगा दिया। 

कचरे को प्रोसेस करेगी अकांक्षा कंपनी

डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड में लगे कचरे के नए पहाड़ को प्रोसेस करने का टेंडर अकांक्षा इंटरप्राइस कंपनी को अलाट किया गया है। नगर निगम ने 13 लाख मीट्रिक टन कचरे को प्रोसेस करने के लिए तीन साल का समय दिया है। यह कचरा आठ एकड़ जमीन पर पड़ा हुआ है। जबकि कंपनी का दावा है कि वह एक साल में ही सारा कचरा प्रोसेस करके डंपिंग ग्राउंड को पूरी तरह से समतल कर देंगे।

केंद्र से मिले 11 करोड़ रुपये

शहर में प्रतिदिन 500 टन कचरा निकलता है। यह कूड़े का पहाड़ पिछले वर्षों में प्रोसेस न करने की वजह से बना है। केंद्र सरकार की तरफ से पहली 11 करोड़ की किस्त भी निगम को मिल गई है। ऐसे में डंपिंग ग्राउंड से मुक्ति दिलाने के लिए कुल 100 करोड़ रुपये खर्च किया जा रहा है। इससे पहले नगर निगम गारबेज प्लांट को अपग्रेड और संचालित करने का साढ़े पांच करोड़ रुपये का टेंडर अलाट कर चुका है, जिससे प्लांट अब ज्यादा कचरा प्रोसेस करेगा।

Edited By: Ankesh Thakur