वैभव शर्मा, चंडीगढ़। क्रिकेट जगत में अपने बल्लेबाजी शैली और आक्रमक खेल से विशेष पहचान बनाने वाले सिटी ब्यूटीफुल के युवराज सिंह के बाद अब सबकी नजरे राजअंगद बावा पर टिकी हैं। युवी ने का क्रिकेट करियर जहां 17 साल चला वहीं राजअंगद बावा का करियर अभी शुरू हुआ है। शुरुआती दौर में ही बावा ने आलराउंड प्रदर्शन से सबका ध्यान अपनी ओर खीचा है। युवी और अंगद दोनों ही दोनों ने अपने क्रिकेट की शुरुआत सेक्टर-16 क्रिकेट स्टेडियम से की। इसके अलावा दोनों ही खिलाड़ी सेक्टर-8 स्थित डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (लाहौर) से पढ़े हैं। दोनों तेजी से रन बनाना पसंद करते हैं। युवी ने जो क्रिकेट में अपना मुकाम बनाया है, वहां तक पहुंचना हर किसी के लिए संभव नहीं हैं। फिर भी, अंडर-19 विश्वकप में शानदार प्रदर्शन करने वाले आलराउंडर बावा ने इसके संकेत दे दिए हैं।

दोनों के कोच सुखविंदर सिंह बावा

युवराज के शुरआती दौर में क्रिकेट के सफर में जहां उनके पिता योगराज ने उन्हें कोचिंग दी थी, वहीं क्रिकेट कोच सुखविंदर सिंह बावा ने भी स्कूल में उन्हें क्रिकेट के गुर सिखाए। सुखविंदर आलराउंडर राजअंगद बावा के पिता और कोच दोनों हैं। युवी को भारतीय क्रिकेट टीम तक का सफर तय करवाने में बावा का भी काफी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अब उनका मकसद अपने बेटे का भारतीय टीम में चयन करवाना है।

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अंडर-19 विश्वकप से युवी ने बनाई थी पहचान

युवराज के सुनहरे क्रिकेट सफर की शुरुआत साल 2000 से हुई थी। तब उन्होंने अंडर-19 विश्व कप में 8 मैचों में 203 रन बनाए थे। इन सभी मैचों में युवी ने शानदार स्ट्राइस रेट से रन बनाए थे। राजअंगद बावा ने भी अभी तक खेले दो मैचों में 55 रन बनाने के साथ ही चार विकेट भी चटकाए हैं।

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Edited By: Pankaj Dwivedi