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मल्टीविटामिन सिरप में मिलावट, निर्माता कंपनी को देना होगा जुर्माना; चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला

Published: Sat, 10 Oct 2026 04:43 PM (GMT+05:30)

चंडीगढ़ जिला अदालत ने मल्टीविटामिन सिरप लाइजिड में मिलावट और प्रतिबंधित तत्व पाए जाने पर निर्माता कंपनी को 40 हजार ...और पढ़ें

चंडीगढ़ जिला अदालत ने सुनाया फैसला।  (सांकेतिक फोटो)

चंडीगढ़ जिला अदालत ने सुनाया फैसला। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. लाइजिड मल्टीविटामिन सिरप में मिलावट पाई गई।

  2. निर्माता कंपनी पर 40 हजार रुपये जुर्माना लगा।

  3. रिटेलर, वितरक, मार्केटर को आरोपों से बरी किया।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। मल्टी विटामिन सिरप लाइजिड में मिलावट और प्रतिबंधित तत्व पाए जाने के एक मामले में जिला अदालत ने निर्माता कंपनी को दोषी करार देते हुए 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

हालांकि इस मामले में अदालत ने सप्लीमेंट के रिटेलर, थोक वितरक और मार्केटर को आरोपों से बरी कर दिया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी निशा स्याल की टीम ने 27 मार्च 2023 को मनीमाजरा स्थित ग्रोवर एंड सन्स की दुकान का निरीक्षण किया था।

इस दौरान वहां बिक्री के लिए रखी गई लाइजिड की सीलबंद बोतलों के नमूने लिए गए। विभाग ने इन नमूनों को जांच के लिए गुरुग्राम की लैब में भेजा, जहां यह सिरप मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके बाद मुंबई स्थित रेफरल फूड लैबोरेटरी में जांच कराई गई।

रेफरल लैब की रिपोर्ट के अनुसार, सिरप में विटामिन सी की मात्रा लेबल पर घोषित मात्रा से अधिक थी, जबकि ऊर्जा, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन ए और जिंक की मात्रा कम पाई गई। इसके अलावा, सैकरीन पाया गया, जो इस प्रकार के सिरप में प्रतिबंधित होता है। सिरप के लेबल पर रंग और प्रिजर्वेटिव से संबंधित जानकारी में भी नियमों का उल्लंघन मिला।

अदालत ने माना कि प्रोडक्ट की फार्मूलेशन और निर्माण मानकों की जिम्मेदारी निर्माता की थी। वहीं, रिटेलर, वितरक और मार्केटर के खिलाफ ऐसी परिस्थितियां साबित नहीं हुईं, जिनमें खाद्य सुरक्षा कानून के तहत उन्हें जिम्मेदार ठहराया जा सके। ऐसे में अदालत ने कंपनी को दोषी ठहराते हुए जुर्माना भरने के निर्देश दिए।