अमनदीप सैनी आत्महत्या केस में पत्नी समेत छह बरी, आठ साल पुराने मामले में चंडीगढ़ कोर्ट का फैसला
चंडीगढ़ की जिला अदालत ने आठ साल पुराने अमनदीप सैनी आत्महत्या मामले में पत्नी समेत छह आरोपितों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।

चंडीगढ़ जिला अदालत ने सबूतों के अभाव में आरोपितों को किया बरी। (एआई जनरेटेड फोटो)
HighLights
सेक्टर-40 में अमनदीप ने की थी आत्महत्या।
पत्नी-ससुराल पक्ष के लोगों पर थे आरोप।
अदालत में सुसाइड नोट पर बना संदेह।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। आठ साल पहले सेक्टर-40 निवासी अमनदीप सैनी की आत्महत्या के मामले में जिला अदालत ने छह आरोपितों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया।
बरी होने वालों में अमनदीप की पत्नी कुलविंदर कौर, ससुर जरनैल सिंह, सास परमजीत कौर, साला गुरजीत सिंह और दो अन्य रिश्तेदार करनैल सिंह और परमजीत कौर शामिल हैं।
इन सभी के खिलाफ सेक्टर-39 थाना पुलिस ने जून 2018 में आईपीसी की धारा 306, 34 के तहत केस दर्ज किया था। अदालत में आरोपितों का केस लड़ने वाले एडवोकेट दीक्षित अरोड़ा ने कहा कि सुसाइड नोट को अहम सबूत माना जा रहा था, लेकिन उसकी सच्चाई पर कई सवाल खड़े हुए।
पुलिस यह साबित नहीं कर सकी कि सुसाइड नोट कब और कैसे बरामद हुआ। अमनदीप ने सात जून 2018 को आत्महत्या की, लेकिन अगले दिन तक किसी ने शिकायत नहीं की। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका कि सुसाइड नोट मौके पर मिला था या मृतक की बहन द्वारा शिकायत देने के समय।
पुलिस को यह भी साबित नहीं कर सकी कि सुसाइड नोट किसने दिया था और क्या यह मृतक ने ही लिखा था। ऐसे में पुलिस की कहानी और सुसाइड नोट पर संदेह पैदा हो गया, जिसका लाभ आरोपितों को मिला।
इससे पहले मृतक की बहन ने शिकायत में आरोप लगाया था कि उसके भाई को उसकी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे तंग आकर उसने आत्महत्या की। उसने सुसाइड नोट में अपनी पत्नी और उसके परिवार को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया था।
