जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। स्टूडेंट्स प्राइवेट इंस्टीट्यूट में भविष्य संवारने के लिए दाखिला लेता है। उन्हें बहुत विश्वास होता है कि जिस इंस्टीट्यूट में वह दाखिला ले रहा है, वहां से आगे बढ़ेगा। लेकिन कुछ संस्थान अपने निजी स्वार्थ के लिए छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। यह बात चंडीगढ़ उपभोक्ता आयोग ने सेक्टर-35 स्थित करियर लाचंर के खिलाफ आई शिकायत पर सुनवाई करते हुए कही।

सेक्टर-35 के ही रहने वाले हिमांशु ने चंडीगढ़ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी। शिकायत पर सुनवाई करते हुए आयोग ने करियर लांचर को सात फीसद प्रति वर्ष ब्याज के साथ 30 दिनों में 32,500 रुपये वापस करने का आदेश दिया। इसके साथ ही शिकायतकर्ता को मानसिक रूप से परेशान करने पर 5 हजार रुपये हर्जाना भी लगाया। अपनी शिकायत में हिमांशु ने बताया कि उन्होंने 12वीं कक्षा कामर्स में की थी और इसके बाद करियर लांचर में ला एंट्रेंस टेस्ट की तैयारियां करने के लिए दाखिला लिया।

उन्होंने इसलिए इस संस्थान को चुना क्योंकि यह उनके घर के बहुत नजदीक था। उन्होंने बताया कि दाखिले के लिए उन्होंने करियर लांचर को 32,500 रुपये दिए। फीस जमा करने के दो दिनों बाद ही कक्षाएं लगनी शुरू हो गई थी। शिकायतकर्ता ने कहा कि एक दो दिनों तक जाने के बाद वहां पर कक्षा और प्रशिक्षण सत्रों में बहुत सी कमियां थी। इस बात को लेकर उन्होंने संस्थान के संबंधित कर्मचारी को सूचित किया, लेकिन किसी ने भी इसे गंभीरता से नहीं लिया और नजरअंदाज कर दिया।

संस्थान की सेवाओं से असंतुष्ट होकर शिकायतकर्ता और उनके पिता ने करियर लांचर से फीस वापस करने का अनुरोध किया, लेकिन अधिकारी मामले को टालते रहे। अंत में शिकायतकर्ता ने 10 अक्टूबर 2019 को एक लीगल नोटिस भेजा, लेकिन उसके बावजूद संस्थान ने फीस वापस नहीं की। आयाेग ने संस्थान को इस शिकायत पर अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस भेजा, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। इस बात को लेकर आयोग ने संस्थान को फटकार लगाई और फीस की पूरी राशि ब्याज सहित वापस करने को कहा।

यह भी पढ़ेंः- इंग्लैंड के खिलाफ शुभमन का बल्ला खामोश, दोनों ही पारी में 20 रन का आंकड़ा भी नहीं कर सके पार

Edited By: Deepika