चंडीगढ़ के यात्री की बिना सूचना टिकट रद की और रिफंड भी नहीं दिया, एयर इंडिया को अब चुकानी पड़ेगी कीमत
चंडीगढ़ उपभोक्ता आयोग ने एयर इंडिया को यात्री को 500 डॉलर ब्याज सहित लौटाने और 10 हजार रुपये हर्जाना देने ...और पढ़ें

चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग नेएयर इंडिया पर लगाया जुर्माना। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
एयर इंडिया को 500 डॉलर ब्याज सहित लौटाने का आदेश।
उपभोक्ता आयोग ने 10 हजार रुपये हर्जाना भी लगाया।
शिकागो से नई दिल्ली आने-जाने के लिए बुक कराई थी टिकट।
जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ निवासी यात्री से फ्लाइट की तारीख बदलने के नाम पर 500 अमेरिकी डाॅलर वसूलना और फिर रिफंड न करना एयर इंडिया को महंगा साबित हुआ है।
चंडीगढ़ जिला उपभोक्ता आयोग ने एयरलाइन को 500 डाॅलर ब्याज समेत रिफंड करने और मानसिक परेशानी के लिए 10 हजार रुपये हर्जाना अदा करने का फैसला सुनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि एयरलाइन ने खुद राशि लौटाने की बात स्वीकार की थी, लेकिन बाद में रिफंड नहीं दिया।
एयरलाइन के खिलाफ नरप्रीत वालिया ने शिकायत दायर की थी। वालिया ने बताया कि उन्होंने शिकागो से नई दिल्ली आने-जाने के लिए 680 अमेरिकी डाॅलर में टिकट बुक कराई थी। उन्हें तीन फरवरी 2022 को शिकागो से रवाना होकर चार फरवरी को भारत पहुंचना था।
वापसी की उड़ान 28 फरवरी 2022 को निर्धारित थी। शिकायतकर्ता ने कोरोना महामारी और स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए वापसी की तारीख बदलने का अनुरोध किया।
इसके बाद एयर इंडिया ने वापसी की तारीख पहले सात जून और फिर 19 जून 2022 कर दी। इसके लिए यात्री से री-शेड्यूलिंग के लिए 500 अमेरिकी डाॅलर वसूले गए।
एयरलाइन ने कहा था, पूरी राशि लौटाई जाएगी
शिकायतकर्ता के अनुसार, पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते उन्हें वापसी की तारीख में एक बार फिर बदलाव की जरूरत पड़ी। उन्होंने आरोप लगाया कि एयरलाइन ने बिना सूचना दिए उनकी वापसी की टिकट रद कर दी।
इसके बाद उन्होंने चंडीगढ़ स्थित एयर इंडिया के कार्यालय में शिकायत की, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। वहीं, एयर इंडिया ने टिकट रद करने के आरोप से इनकार किया।
एयरलाइन का कहना था कि टिकट शिकागो की ट्रैवल एजेंसी के माध्यम से खरीदी गई थी और 18 जून 2022 को तारीख बदलने का अनुरोध काफी देर से किया गया था। हालांकि एयरलाइन ने 500 डाॅलर की री-शेड्यूलिंग फीस वापस करने की बात कही थी, लेकिन बाद में उन्होंने रिफंड नहीं दिया।
