अपहरण केस में चंडीगढ़ CBI कोर्ट की ‘सीक्रेट’ लीक, अब बंद कमरे में होगी सुनवाई; इंस्पेक्टर सेखों समेत 9 पुलिसकर्मी आरोपित
चंडीगढ़ सीबीआई कोर्ट में डाॅक्टर अपहरण केस से जुड़ी गोपनीय जानकारी लीक होने का मामला सामने आया है। अब कोर्ट ...और पढ़ें

सीबीआई कोर्ट से कुछ कर्मचारी कोर्ट की सीक्रेट इन्फाॅर्मेशन लीक कर आरोपितों तक पहुंचा रहे थे। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
डेंटिस्ट मोहित धवन के अपहरण मामला।
समझौते के लिए दबाव बनाने का आरोप।
कोर्ट ने एक कर्मचारी को ट्रांसफर किया।
रवि अटवाल, चंडीगढ़। सेक्टर-21 निवासी डेंटिस्ट डाॅ. मोहित धवन के अपहरण मामले में सीबीआई कोर्ट से बेहद गोपनीय जानकारियां लीक होने का मामला सामने आया है। कोर्ट में तैनात कुछ कर्मचारी कोर्ट की सीक्रेट इन्फाॅर्मेशन लीक कर आरोपितों तक पहुंचा रहे थे। आरोपित पुलिसकर्मी इस जानकारी का फायदा भी उठा रहे थे।
इसी कारण शिकायतकर्ता डाॅ. धवन ने तंग आकर यह मुद्दा कोर्ट में उठा दिया। कोर्ट ने भी इसे गंभीरता से लिया और एक कर्मचारी की ट्रांसफर कर दी। पिछले साल सीबीआई ने इस केस में ऑपरेशन सेल में तैनात इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों समेत नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था।
इस मामले में अब गोपनीय जानकारियां बाहर आने के बाद कोर्ट ने इसकी आगे की सुनवाई ओपन कोर्ट के बजाय बंद कमरे में किए जाने का फैसला सुनाया है। इससे पहले डेंटिस्ट डाॅ. मोहित धवन ने आरोप लगाया कि अदालत की कार्रवाई से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं बाहर पहुंच रही हैं और इससे मामले की न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
मामले में आरोपित पुलिसकर्मियों तक गोपनीय जानकारी पहुंचाए जाने की आशंका के बीच अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। जज ने कहा कि अदालत में तैनात कुछ कर्मचारी कामचोर, अक्षम और अपनी कार्यशैली में सुधार न करने वाले हैं। इसके बावजूद वह अपना प्रभाव और दबदबा इस्तेमाल करके यहां अपनी तैनाती करवाने में सफल हो रहे हैं।
डाॅक्टर ने कहा-सेखों मुझकर पर दबाव बना रहे
डाॅ. मोहित धवन ने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों लगातार उन पर समझौते का दबाव बना रहे हैं। वह अपने परिवार, मित्रों और परिचितों के जरिए उन्हें लगातार परेशान कर रहे हैं। इस संबंध में डाॅ.धवन ने कार्रवाई के लिए सीबीआई काेर्ट में एक एप्लीकेशन दायर की थी।
अदालत के बाहर से हुआ था अपहरण
यह मामला सात जनवरी 2022 का है। सीबीआई के अनुसार, डाॅ. धवन को हाईकोर्ट के आदेश के तहत सेक्टर-43 स्थित जिला अदालत में पेश होना था। आरोप है कि सुबह करीब 10:20 से 10:30 बजे के बीच सादे कपड़ों में पहुंचे पुलिसकर्मियों ने उन्हें एक निजी हुंडई आई-20 कार में बैठा लिया।
सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक, उन्हें सीधे थाने ले जाने के बजाय शहर की अंदरूनी सड़कों पर घुमाया गया। बाद में उन्हें दूसरी टीम के हवाले कर दिया गया और कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखा गया।
सीबीआई का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने डॉक्टर को अदालत में पेश होने से रोकने के लिए यह कार्रवाई की थी। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था जिसके बाद जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई ने फिर इंस्पेक्टर सेखों समेत नौ पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।
