चंडीगढ़ के 22 गांवों के लिए बने बिल्डिंग बॉयलॉज का विरोध, सदन में प्रस्ताव पास, पार्षद बोले-छोटी दुकानें बनी तो गांव बन जाएंगे कॉलोनी
चंडीगढ़ में 22 गांवों के बिल्डिंग बॉयलॉज का विरोध हो रहा है। सदन में प्रस्ताव पारित करते हुए पार्षदों ने चिंता जताई कि छोटी दुकानें बनने से गांव कॉलोनी बन जाएंगे और उनका मूल स्वरूप नष्ट हो जाएगा। पार्षदों का मानना है कि बॉयलॉज में बदलाव से गांवों में अनियोजित विकास होगा।

प्रशासन की ओर से गांवों के लिए बनाए बिल्डिंग बाॅयलाॅज को लेकर गरमाई राजनीति।
बलवान करिवाल, चंडीगढ़। प्रशासन की ओर से गांवों के लिए बनाए बिल्डिंग बाॅयलाॅज को लेकर राजनीति गरमा गई है, जिस पर ग्रामीण प्रतिनिधियों ने नाराजगी जाहिर की है। बाॅयलाॅज की अधिसूचना जारी हुए एक साल हो गए हैं जबकि प्रतिनिधियों का कहना है कि प्रशासन ने बाॅयलाॅज फाइनल करने से पहले उनसे राय नहीं ली गई है।
पार्षदों का आराेप है कि एक साल पहले जनप्रतिनिधियों को विश्वास लिए बिना गुपचुप तरीके से अधिसूचना जारी कर दी। नगर निगम के सदन से भी पार्षदों के कोई सुझाव नहीं लिए गए हैं जबकि इस समय शहर के सभी 22 गांवों नगर निगम के अंतर्गत हैं। सदन की बैठक में भी यह मामला गरमाया। जिसके बाद सदन ने बाॅयलाॅज की जारी अधिसूचना के खिलाफ प्रस्ताव पास किया।
पार्षदों का कहना है कि यह खारिज होने चाहिए, जबकि अधिकारियों का कहना है कि प्रशासन को बाॅयलाॅज बनाने का पूरा अधिकार है। नगर निगम कमिश्नर ने भी इस संबंध में सदन में जवाब दिया।
जनप्रतिनिधियों का कहना है कि 10 बाय 10 की छोटी दुकानें की मंजूरी दी है, जिससे गांवों का स्वरूप ही खत्म हो जाएगा। गांवों काॅलोनियों में तबदील हो जाएंगे। इसलिए सदन में इस बाॅयलाॅज के खिलाफ प्रस्ताव किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन हमेशा से 22 गांवों और बाहरी कालोनी क्षेत्रों के साथ सौतेला व्यवहार करता आया है।
40 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की अनुमति होगी
अधिसूचना के अनुसार भवन निर्माण की अनुमति देने के लिए सक्षम प्राधिकरण को प्रशासन द्वारा नियुक्त किया जाएगा। नियमों में कवर्ड एरिया को भवन के सभी फ्लोरों का कुल क्षेत्र, दीवारों सहित, जबकि ड्वेलिंग यूनिट को कमरे, रसोई और शौचालय सहित परिवार के रहने योग्य आवास के रूप में परिभाषित किया गया है।
नए प्रविधानों के तहत ग्राउंड कवरेज को प्लाॅट के आकार के अनुसार तय किया गया है। 210 वर्गमीटर तक के प्लाट पर 75 प्रतिशत, 210 से 420 वर्गमीटर पर 60 प्रतिशत, 420 से 840 वर्गमीटर पर 50 प्रतिशत और 840 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले प्लाट पर अधिकतम 40 प्रतिशत ग्राउंड कवरेज की अनुमति होगी।
साथ ही सीमित व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति दी गई है, जिनमें करियाना, फल-सब्जी, दर्जी, बुटीक, हलवाई, बुक-स्टेशनरी, इलेक्ट्रानिक मरम्मत, केमिस्ट और कुछ पेशेवर सेवाएं शामिल हैं। भवन की अधिकतम ऊंचाई 10.36 मीटर (34 फीट) निर्धारित की गई है।

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