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चंडीगढ़ में बॉटेनिकल गार्डन में 'एंट्री फीस' बना राजनीतिक मुद्दा, प्रशासन के फैसले के खिलाफ प्रशासक तक पहुंची आवाज

Published: Fri, 23 Oct 2026 03:34 PM (GMT+05:30)

चंडीगढ़ के सारंगपुर बॉटेनिकल गार्डन में 1 नवंबर से लगने वाली एंट्री फीस अब राजनीतिक मुद्दा बन गई है। भाजपा ...और पढ़ें

सारंगपुर स्थित बॉटेनिकल गार्डन के बाहर प्रशासन ने लगाए हैं एंट्री फीस के बोर्ड। (एआई जनरेटेड फोटो)

सारंगपुर स्थित बॉटेनिकल गार्डन के बाहर प्रशासन ने लगाए हैं एंट्री फीस के बोर्ड। (एआई जनरेटेड फोटो)

HighLights

  1. बॉटेनिकल गार्डन में प्रवेश शुल्क पर राजनीतिक दलों का विरोध।

  2. भाजपा और कांग्रेस ने प्रशासन के फैसले को गलत ठहराया।

  3. सुरक्षा कारणों से प्रशासन ने शुल्क लगाने का निर्णय लिया।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। सारंगपुर स्थित बॉटेनिकल गार्डन में 10 से लेकर 20 रुपये तक एंट्री फीस का मुद्दा अब राजनीतिक बनता जा रहा है। कांग्रेस के बाद भाजपा ने भी 1 नवंबर से लागू किए जाने वाले प्रशासन के इस फैसले का विरोध किया है।

भाजपा नेता संजीव वर्मा ने शुक्रवार को मुख्य वन संरक्षक सौरव कुमार से मुलाकात की और यूटी प्रशासक एवं पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को भी पत्र सौंपकर बॉटेनिकल गार्डन एवं नेचर पार्क में आम जनता के लिए प्रवेश शुल्क लगाने के निर्णय को तत्काल वापस लेने तथा पूर्ववत निःशुल्क प्रवेश बहाल करने की मांग की।

संजीव वर्मा ने इस मांग पत्र को 350 स्थानीय नागरिकों के हस्ताक्षर करवाकर मुख्य वन संरक्षक को सौंपा। गार्डन की सीमा खुड्डा लाहौरा कॉलोनी, सारंगपुर और धनास की ओर लगती है। इन एरिया में रहने वाले लोगों को सैर का सुख छिन जाने का डर है। यही वजह है कि प्रशासन के फैसले का विरोध हो रहा है।

यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष धीरज गुप्ता और दीपक जायसवाल के नेतृत्व में कार्यकर्ता भी बॉटेनिकल गार्डन के बाहर प्रशासन के खिलाफ धरना देने की चेतावनी दे चुके हैं।

जानिये प्रशासन क्यों लगाने जा रही एंट्री फीस 

176 एकड़ में फैले बॉटेनिकल गार्डन में औषधीय पौधों, कैक्टस हाउस, बोन्साई वर्ल्ड और झील आकर्षण का केंद्र है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने गार्डन में शरारती युवकों और नशा करने वालों के बैठे रहने की शिकायत की थी।

इसके बाद प्रशासन ने गार्डन में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए एंट्री फीस लगाने का निर्णय लिया है। सामान्य पर्यटकों के लिए 20 रुपये, 12 वर्ष से कम उम्र के बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 10 रुपये प्रति व्यक्ति शुल्क निर्धारित किया गया है।