चंडीगढ़, [वैभव शर्मा]। सीढ़ियां उन्हें मुबारक हो, जिन्हें सिर्फ छत तक जाना है, मेरी मंजिल तो आसमान है, रास्ता मुझे खुद बनाना है। ये लाइनें ब्लाइंड इंस्टीट्यूट सेक्टर-26 के स्टूडेंट्स पर बिल्कुल ठीक बैठती हैं। जिन्होंने अपने हौसलों से न केवल मुश्किल काम को आसान किया बल्कि दूसरों के लिए एक बेहतरीन उदाहरण भी स्थापित किया। सोमवार को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) ने 12वीं बोर्ड परीक्षाओं के नतीजों की घोषणा की। इसमें जहां एक ओर बाकी स्टूडेंट्स ने बेहतरीन प्रदर्शन किया, वहीं ब्लाइंड इंस्टीट्यूट के स्टूडेंट्स भी दूसरे बच्चों से पीछे नहीं रहे।

स्कूल के स्टूडेंट्स ने पहले से ही अपना टारगेट सेट कर लिया था कि उन्हें इस वर्ष अपना ही रिकार्ड तोड़ना है, जो उन्होंने कर दिखाया। 12वीं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करने पर दैनिक जागरण से बातचीत में स्टूडेंट्स ने अपनी सफलता के राज को साझा किया।

हरलीन कौर।

दूसरों को करना है शिक्षित: हरलीन कौर

12वीं बोर्ड परीक्षा में इंस्टीट्यूट की हरलीन कौर ने 96.60 फीसद अंक हासिल किए। हरलीन ने कहा कि शिक्षा सफलता का एक मात्र रास्ता है। शिक्षा में बेहतरीन प्रदर्शन करने के लिए मेहनत जरूरी है। मैंने इसी बात को ध्यान में रखते हुए शुरू से ही पढ़ाई जारी रखी। नोट्स, ऑडियो रिकॉर्डिंग की मदद से मैंने इतने अंक हासिल किए है। मलाल है कि शत फीसद नंबर नहीं ला पाई। हरलीन के पिता मनजीत सिंह किसान है और माता सर्बजीत कौर गृहणी है। किसान की बेटी हरलीन टीचर बनकर दूसरों को शिक्षित करना चाहती है।

गरिमा नरूला।

पिता के न होने पर मां और परिवार ने किया सपोर्ट: गरिमा नरूला

टीचर्स की गाइड और एनसीईआरटी बुक्स से पढ़ाई, यहीं मेरी सफलता का राज है। यह कहना है गरिमा नरूला का, जिन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 96 फीसद अंक प्राप्त किए। गरिमा ने अपनी सफलता पर कहा कि उन्हें टीचर्स और फैमिली का पूरा सपोर्ट मिला है। गरिमा के पिता योगेश कुमार नरूला का देहांत हो चुका है, लेकिन उनकी मां परवीन कुमारी ने उनकी पढ़ाई में कोई परेशानी नहीं आने दी। गरिमा ने बताया कि उन्होंने कोई एक्सट्रा ट्यूशन नहीं लगाया। बस एनसीईआरटी बुक्स और गाइड से पढ़ाई की थी। गरिमा प्रोफेसर बनने के लिए अागे की पढ़ाई करेगी।

खुशदीप सिंह।

वेब डेवलपर प्रोग्रामर बनना है लक्ष्य: खुशदीप सिंह

इंस्टीट्यूट के एक ओर स्टूडेंट खुशदीप सिंह ने बोर्ड परीक्षा में 94.80 फीसद अंक हासिल किए है। खुशदीप ने कहा कि वह वेब डेवलपर प्रोग्रामर बनना चाहता है। इसके लिए उन्होंने लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में बीएससी में दाखिला लिया है। खुशदीप ने भी अपना सफलता राज नोट्स, ऑडियों रिकार्डिंग और टीचर्स के सपोर्ट को बताया। खुशदीप के पिता गुरजीत सिंह की केमिस्ट की शॉप है और माता हरविंदर कौर गृहणी है।

ख्याती बंसल।

टीचर्स के सपोर्ट के बिना स्टूडेंट्स कुछ नहीं: ख्याती बंसल

12वीं बोर्ड परीक्षा में 94.80 फीसद अंक हासिल करने वाली ख्याती बंसल ने अपनी सफलता का श्रेय टीचर्स को दिया। उन्होंने कहा कि टीचर्स के बिना स्टूडेंट्स कभी आगे नहीं बढ़ सकते। टीचर्स ने खुद रातों को नोट्स तैयार कर स्टूडेंट्स को भेजे थे, ताकि परीक्षा में वह अच्छा प्रदर्शन कर सके। ख्याती अपनी टीचर्स की तरह ही टीचर बनना चाहती है और दूसरों को कामयाब करना चाहती है। उनके पिता पुष्पिंदर बिजनेसमैन और माता आशु बंसल हाउस वाइफ हैं।

Posted By: Vikas_Kumar

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