चंडीगढ़ [राजेश ढल्ल]। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर चंडीगढ़ भाजपा ने एक नामांकन पत्र सोमवार को दाखिल किया है। चंडीगढ़ भाजपा के नए अध्यक्ष अरुण सूद जेपी नड्डा के पक्ष में नामांकन पत्र लेकर दिल्ली पहुंचे हैं। सूद का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की चयन प्रक्रिया में नड्डा के समर्थन में नामांकन पत्र केंद्रीय नेतृत्व को सौंप दिया गया है। वह जेपी नड्डा के साथ मुलाकात कर उन्हें चंडीगढ़ आने का न्यौता देंगे। सूद ने बताया कि एक नामांकन पत्र भरा गया है जिस पर उनके अलावा राष्ट्रीय परिषद के सदस्य संजय टंडन ने भी हस्ताक्षर किए हैं। कुल 20 डेलीगेट्स के हस्ताक्षर चंडीगढ़ से हुए हैं। सूद का कहना है कि जेपी नड्डा से चंडीगढ़ का पुराना संबंध है। मालूम हाे कि अरुण सूद को अध्यक्ष बनाने में जेपी नड्डा ने अहम भूमिका निभाई है।

नड्डा का है चंडीगढ़ से पुराना नाता, सूद को साल 2016 में बनवाया था अध्यक्ष

जेपी नड्डा का चंडीगढ़ से पुराना नाता रहा है। चंडीगढ़ के हर प्रमुख नेता और सक्रिय कार्यकर्ता को वे नाम से जानते हैं। यहां तक कि चंडीगढ़ की हर समस्या से भी भलीभांति परिचित हैं। 2011 में हुए निगम चुनाव में पार्टी हाईकमान की ओर से उन्हें प्रभारी बनाया गया था। उस समय नड्डा ने खुद सभी उम्मीदवारों की टिकट फाइनल की थी और 26 में से 13 सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया था। चंडीगढ़ भाजपा के सीनियर नेताओं के अलावा यहां की गुटबाजी को भी वे जानते हैं।

भाजपा का मेयर बनवाने में निभाई अहम भूमिका

15 साल बाद 2016 में जब बीजेपी ने नगर निगम के मेयर पद पर कब्जा किया था, उस समय भी जेपी नड्डा ने अहम भूमिका निभाई थी। नड्डा उस समय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री थे, इसके बावजूद वे उस समय के मेयर पद के उम्मीदवार अरुण सूद के लिए मनोनीत पार्षदों से वोट मांगने के लिए आए थे। नड्डा हिमाचल के रहने वाले हैं। जबकि चंडीगढ़ में हिमाचल से संबंध रखने वाले एक लाख लोग रहते हैं। चंडीगढ़ भाजपा में जो हिमाचल से संबंध रखने वाले नेता हैं, वे नड्डा के करीबी हैं।

 

 

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