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80 लाख का क्या है खेल? वायरल ऑडियो से चंडीगढ़ में भाजपा नेतृत्व पर उठे सवाल, कांग्रेस ने मांगा जवाब

Published: Thu, 27 Aug 2026 06:47 PM (IST)

चंडीगढ़ में 80 लाख रुपये के कथित लेनदेन से जुड़े वायरल ऑडियो पर कांग्रेस ने भाजपा नेतृत्व से जवाब मांगा है। कांग्रेस ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की।

चंडीगढ़ भाजपा के उपाध्यक्ष देवेंद्र बबला पर कांग्रेस नेता चंद्रमुखी शर्मा ने लगाए आरोप।

चंडीगढ़ भाजपा के उपाध्यक्ष देवेंद्र बबला पर कांग्रेस नेता चंद्रमुखी शर्मा ने लगाए आरोप।

HighLights

  1. भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बबला की आवाज होने का दावा।

  2. कांग्रेस नेता बोले-कारतूस और पार्षद का आपस में क्या मेल।

  3. कांग्रेस ने की मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। 80 लाख रुपये के कथित लेनदेन से जुड़े वायरल ऑडियो को लेकर भाजपा नेतृत्व पर सवाल उठे हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस ने भी जवाब मांगा है। 

कांग्रेस के पाॅलिटिकल अफेयर्स कमेटी के सदस्य चंद्रमुखी शर्मा ने कहा कि ऑडियो में भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र सिंह बबला की आवाज होने की बात सामने आने के बाद पार्टी अध्यक्ष जितेंद्र पाल मल्होत्रा को पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए।

चंद्रमुखी शर्मा ने आरोप लगाया कि बबला पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं और उन्हें पार्टी अध्यक्ष की मौजूदगी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिली है। ऐसे में भाजपा नेतृत्व इस मामले से पल्ला नहीं झाड़ सकता। उन्होंने दावा किया कि ऑडियो में 80 लाख रुपये या किसी अन्य राशि को लेकर बातचीत सुनाई दे रही है।

उन्होंने पूछा कि अगर यह राशि किसी अन्य उद्देश्य के लिए थी तो उसका पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। कांग्रेस नेता ने बबला की ओर से कथित तौर पर आडियो को कारतूस के रेट से जोड़ने के स्पष्टीकरण पर भी सवाल उठाए।

उन्होंने पूछा कि कारतूस की कीमत 80 लाख रुपये कैसे हो सकती है और किसी महिला पार्षद के आने जाने का कारतूस के मामले से क्या संबंध है। उन्होंने प्रशासक से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि केवल आवाज के नमूने की जांच पर्याप्त नहीं है।

कथित लेनदेन से जुड़े बैंक खातों, काल डिटेल रिकाॅर्ड और पैसों के लेनदेन की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक संबंधित नेताओं पर पार्टी स्तर पर कार्रवाई की जानी चाहिए।

चंद्रमुखी शर्मा ने आरोप लगाया कि मेयर चुनाव से पहले पार्षदों को भाजपा में शामिल कराना भी राजनीतिक खरीद-फरोख्त का हिस्सा था। हालांकि, इन आरोपों पर भाजपा की ओर से कोई पक्ष इस बयान में उपलब्ध नहीं कराया गया है।



रिपोर्ट बलवान करिवाल