जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन ने इस बार दशहरा, दीपावली और गुरुपर्व पर ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी है। इस संदर्भ में डीसी कम डिस्ट्रिक्ट डिजास्टर मैनेजमेंट अथारिटी के चेयरपर्सन विनय प्रताप सिंह ने ग्रीन पटाखे को लेकर दिशानिर्देश जारी किए हैं। इन दिशानिर्देश के मुताबिक कोई भी व्यक्ति ज्यादा धुआंदार, लड़ी वाले पटाखे, लगातार जलने वाले हवाई पटाखे और धमाकेदार पटाखों पर पूरी तरह बैन रहेगा। इन पटाखों की वजह से ध्वनि और वायु प्रदूषण सबसे ज्यादा होता है, ऐसे में यह नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल एनजीटी के आदेशों का उल्लंघन होगा।

डीसी ने यह भी स्पष्ट किया कि दशहरा पर केवल रावण दहन के दौरान पुतलों में ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी गई है, इसके अलावा दशहरा में अगर कोई खुले में ग्रीन पटाखे जलाते समय पाया गया तो उस पर कार्रवाई की जाएगी। डीसी ने कहा कि दीपावली पर केवल ग्रीन पटाखे ही जलाने की अनुमति होगी, जोकि सीएसआइआर और एनईईआरआइ से मान्यता प्राप्त हैं। यहां तक की पटाखा विक्रेताओं को भी इसका ख्याल रखना होगा कि वह जो ग्रीन पटाखे बेचने के लिए स्टाल में रखें वह सीएसआइआर और एनईईआरआइ से मान्यता प्राप्त हों।

इसके अलावा कोई भी अन्य पटाखे जलाने या बेचने पर रोक रहेगी। दीपावली पर रात आठ से 10 बजे तक और गुरुपर्व पर सुबह चार से पांच बजे और रात नौ से 10 बजे तक पटाखे जलाने की अनुमति दी गई है।

ई-कामर्स के जरिए नहीं बेच सकेंगे पटाखे

डीसी ने बताया ई-कामर्स के जरिए पटाखे की खरीदा-फरोख्त पर पूरी तरह बैन रहेगा। ई-कामर्स वेबसाइट जैसे फ्लिपकार्ट, अमेजन या अन्य ई कामर्स साइट के जरिए कोई भी चंडीगढ़ में पटाखे न तो बेच सकेगा और न ही खरीद पाएगा। अगर इन सभी निर्देशों का कोई उल्लंघन करता है, तो उस पर डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट-2005 और एनवायरनमेंट प्रोटेक्शन एक्ट-1986 एक्सप्लोसिव एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

96 लोगों को जारी किए जाएंगे टेंपरेरी पटाखे के लाइसेंस

पंजाब एंड हरियाणा हाई कोर्ट के वर्ष 2017 के आदेश सीडब्ल्यूपी नंबर-23548 के मुताबिक वर्ष 2016 में दिए गए कुल पटाखे के लाइसेंस का केवल 20 फीसद यानी 96 लोगों को ही ड्रा के माध्यम से टेंपरेरी पटाखे के लाइसेंस दिए जाएंगे।

तीन प्रकार के ग्रीन पटाखों की होगी अनुमति

ग्रीन पटाखे तीन प्रकार के आते हैं, इनमें सफल, स्टार और स्वास के ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति होगी। ग्रीन पटाखे के डिब्बों पर क्यूआर कोड और लोगो होगा। क्यूआर कोड का स्कैन कर चे¨कग के दौरान अफसर यह जान सकेंगे कि यह ग्रीन पटाखे हैं या नहीं। जिन ग्रीन पटाखों पर क्यूआर कोड और लोगो नहीं होगा, वह पटाखे विक्रेता नहीं बेच सकेंगे।

Edited By: Ankesh Thakur

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