विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

चंडीगढ़ में 18 किलोमीटर भूमिगत हुआ बिजली नेटवर्क, अब 25 हजार लोगों को मिलेगी निर्बाध आपूर्ति

Published: Mon, 07 Sep 2026 01:50 PM (IST)

चंडीगढ़ के उत्तरी सेक्टरों में 18 किलोमीटर का बिजली नेटवर्क भूमिगत किया गया है। सेक्टर-1 से 8 तक के 25 हजार निवासियों को निर्बाध आपूर्ति मिलेगी।

सेक्टर-1 से 8 तक अंडरग्राउंड बिजली लाइन सुविधा का उद्घाटन करते प्रशासक गुलाब चंद कटारिया।

सेक्टर-1 से 8 तक अंडरग्राउंड बिजली लाइन सुविधा का उद्घाटन करते प्रशासक गुलाब चंद कटारिया।

HighLights

  1. सेक्टर-1 से 8 तक भूमिगत बिछाई गई बिजली लाइन।

  2. प्रशासक ने किया उद्घाटन, 12 करोड़ की परियोजना।

  3. सुरक्षा बढ़ेगी, स्काडा प्रणाली से होगा नियंत्रण।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। शहर के उत्तरी सेक्टरों में 18 किलोमीटर एरिया में 11 केवी विद्युत नेटवर्क भूमिगत हो चुका है। सेक्टर-1 से 8 तक बिछाए गए इस नेटवर्क से करीब 25 हजार रेजिडेंट्स को फायदा मिलेगा। यानी बिना रुकावट के बिजली आपूर्ति मिलेगी।

12 करोड़ रुपये की लागत के इस प्रोजेक्ट का रविवार को पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने उद्घाटन किया। परियोजना में पंजाब एवं हरियाणा सिविल सचिवालय, हाईकोर्ट, राॅक गार्डन और सुखना झील सहित प्रमुख संस्थान व क्षेत्र शामिल हैं।

कटारिया ने कहा कि ओवरहेड बिजली लाइनें तेज हवाओं, तूफान और पेड़ों के गिरने से प्रभावित होती हैं, जिससे लंबे समय तक बिजली बाधित हो सकती है। भूमिगत नेटवर्क को स्काडा प्रणाली से जोड़ने से खराबी की स्थिति में बिजली का लोड दूसरे फीडर पर स्थानांतरित कर कम समय में आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। इससे सुरक्षा बढ़ने के साथ बिजली चोरी पर भी अंकुश लगेगा।

परियोजना के तहत वन क्षेत्र से गुजरने वाले चार फीडरों पर 14 स्काडा नियंत्रित रिंग मेन यूनिट (आरएमयू) भी स्थापित की गई हैं। सेक्टर-18 स्थित कमांड सेंटर से इनका रिमोट संचालन किया जाएगा। ओवरहेड तार और खंभे हटने से राॅक गार्डन और सुखना झील के आसपास का दृश्य भी बेहतर होगा।

सीपीडीएल के सीईओ ब्रजेश कुमार ने बताया कि कंपनी ने पांच वर्षों में बिजली ढांचे को मजबूत करने के लिए 956 करोड़ रुपये निवेश की योजना बनाई है। एक फरवरी 2025 से वितरण व्यवस्था संभालने के बाद चार 20 एमवीए ट्रांसफार्मर, 63 वितरण ट्रांसफार्मर और 40 आरएमयू ऊर्जीकृत किए जा चुके हैं।