राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने पंजाब व हरियाणा के किसानों को बड़ी राहत दी है। केंद्र ने गर्मी के कारण गेहूं के दाने के सिकुड़ने को लेकर 18 फीसद तक की छूट दे दी है। इस फैसले से दोनों राज्यों के हजारों किसानों को लाभ होगा।

बता दें, इस साल गर्मी के कारण गेहूं का दाना काफी सिकुड़ गया था। इससे दोनों राज्यों में गेहूं की पैदावार में भारी कमी आई है। किसानों पर इसका बोझ न पड़े इसको लेकर केंद्र सरकार ने दो बार केंद्रीय टीमें भेजी, जिन्होंने पिछले हफ्ते ही अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी।

रिपोर्ट के आधार पर केंद्र सरकार ने 18 फ़ीसदी तक बिना कट लगाए गेहूं खरीदने की अनुमति दे दी है। हालांकि दोनों राज्यों में गेहूं खरीद का काम मुकम्मल हो चुका है, लेकिन सरकार के इस फैसले से खरीद एजेंसियों ने राहत की सांस ली है।अब एजेंसियां 18 फीसद सिकुड़े दाने को भी ले सकती हैं। इससे ज्यादा अगर दाना सिकुड़ गया तो कट लगेगा।

इस बार अचानक बढ़े तापमान के कारण हरियाणा में गेहूं का उत्पादन घट गया। गेहूं का दाना 20 प्रतिशत सिकुड़ गया है। इसके कारण जहां पैदावार एक तिहाई कम हो गई, वहीं मंडियों में पिछले साल की तुलना में गेहूं की आवक 27 प्रतिशत कम हुई है।

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ) के मानकों के अनुसार सिकुड़ा व टूटा दाना छह प्रतिशत तक ही मान्य है। इस कारण हरियाणा सरकार ने एफसीआइ को गेहूं खरीद के मानकों में छूट देने की मांग की थी, ताकि सरकारी एजेंसियां न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद सकें।

कमोबेश यही स्थिति पंजाब की भी रही। पंजाब में भी उत्पादन घट गया। गर्मी के कारण गेहूं के दानों के साथ-साथ पौधे भी सिकुड़ गए। इस कारण तूड़ी की पैदावार में भी 50 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। दोनों राज्यों में केंद्रीय टीमों ने इसकी जांच की। अब केंद्र ने किसानों को बड़ी राहत दे दी है।

Edited By: Kamlesh Bhatt