चंडीगढ़,  [कुलदीप शुक्ला]। कश्मीर कैडर के बर्खास्त आइएएस राजीव रंजन द्वारा 2016-17 में कुपवाड़ा के डीसी रहते जारी करीब 30 हजार आ‌र्म्स लाइसेंस धारकों को सीबीआइ की स्पेशल सेल कॉल करेगी। जिसके बाद सभी लाइसेंस धारकों को पुराने दस्तावेजों के सहित दोबारा वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस दौरान गड़बड़ मिलने वाले लाइसेंस धारकों के खिलाफ भी सीबीआइ कानूनी कार्रवाई की तैयारी में लगी हैं।

सीबीआइ के अनुसार राजीव रंजन ने जम्मू-कश्मीर सहित पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के लोगों को फर्जी दस्तावेज और बिना वेरिफिकेशन करीब 30 हजार आ‌र्म्स लाइसेंस जारी किए हैं। चंडीगढ़ से गिरफ्तार आइएएस राजीव रंजन और 2013 से 2015 तक कुपवाड़ा के डीएम रहे इतरत हुसैन को श्रीनगर कोर्ट में पेश कर 10 दिन के रिमांड में सीबीआइ पूछताछ कर रही हैं।

चंडीगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों के लिए अलग टीम  

सीबीआइ ने चंडीगढ़ में दोनों आइएएस की गिरफ्तारी के बाद जिला अदालत में पेश कर एक दिन का ट्रांजिट रिमांड हासिल किया था। उन्हें श्रीनगर कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल किया। चंडीगढ़ सीबीआइ की एक टीम को जोड़कर पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लाइसेंस धारकों तक पहुंचने में लगी है।

बर्खास्त डीएसपी से जुड़ रहे लिंक, चंडीगढ़ में की थी रैकी

राजीव रंजन के अवैध तरीके से जारी आ‌र्म्स लाइसेंस का लिंक तीन आंतकवादियों को अपनी गाड़ी में लेकर जाते गिरफ्तार बर्खास्त डीएसपी देविंदर सिंह से जुड़ रहा है। सीबीआइ राजीव रंजन से पूछताछ करने के साथ नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआइए) को भी जल्द इनपुट सौंप सकती है। बर्खास्त डीएसपी देविंदर से खुलासा का दावा था कि उसके साथ कुछ लोगों ने चंडीगढ़ के एलांते माल और सेक्टर-19 की मार्केट में रेकी भी कर चुके थे। फिलहाल, आइएएस राजीव रंजन को भी बर्खास्त कर दिया गया है।

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