यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 14, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
चंडीगढ़ में CBI की फर्जी रेड मामला, अन्य दो आरोपितों का लगा सुराग, गिरफ्तारी के लिए छापामारी कर रही टीम
CBI Fake Raid in Chandigarh चंडीगढ़ के आइटी पार्क स्थित एक प्राइवेट कंपनी में सीबीआइ के 4 सब इंस्पेक्टर सहित ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। CBI Fake Raid in Chandigarh: चंडीगढ़ के आइटी पार्क स्थित एक प्राइवेट कंपनी में सीबीआइ के 4 सब इंस्पेक्टर सहित छह लोगों ने फर्जी रेड की थी और कंपनी के मालिक अभिषेक डोगरा का देर रात अपहरण किया गया था। इतना ही नहीं उसे आतंकी गतिविधियों में फंसाने की धमकी देकर 25 लाख रुपये की भी मांग की थी।
हालांकि पुलिस ने इन चारों सीबीआइ अधिकारियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन दो अन्य आरोपित मौके से भाग गए थे, जिनकी अब पुलिस ने पहचान कर ली है। वहीं, चारों सीबीआइ एसआई खओ बर्खास्त किया जा चुका है। चारों आरोपित एसआइ (बर्खास्त) से पूछताछ में उनके साथ दो अन्य आरोपितों के बारे में सीबीआइ अधिकारियों ने सुराग लगा लिया है। आरोपितों को गिरफ्तार करने के बाद अधिकारिक तौर पर नाम और उनकी भूमिका उजागर की जा सकती है।
आरोपित सीबीआइ एसआइ सुमित गुप्ता, प्रदीप राणा, अंकुर कुमार व अकाश अहलावत सहित कुल छह लोगों के खिलाफ आइपीसी की धारा 388, 120बी, 323, 352, 365, 506 के तहत केस दर्ज दो दिन रिमांड में लेकर पूछताछ कर रही है।
सूत्रों के अनुसार दिल्ली में तैनात चार एसआइ व दो अन्य आरोपित आइटी पार्क स्थित कंपनी में पहुंचे थे। आरोपित सीबीआइ अधिकारी कंपनी मालिक अभिषेक डोगरा को उसके पार्टनर सहित अन्य कर्मचारियों के सामने मारपीट कर जबरन अपहरण कर ले गए। आरोपितों ने पहले एक करोड़ रुपये की मांग कर गाड़ी में घूमाते रहे। बाद में आरोपितों ने अभिषेक डोगरा से 25 लाख रुपये का इंतजाम कर अंबाला तक पहुंचाने के लिए कहा था, लेकिन आइटी पार्क में गाड़ी पंचर होने के बाद डोगरा ने वाट्सएप पर अपनी लोकेशन और खुद को बचाने की गुहार अपने पार्टनर को भेज दी। इसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपितों का पीछा कर थोड़ी दूरी पर दबोच लिया था ।
