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चंडीगढ़ में पंजाब-हरियाणा के शिक्षकों की नियुक्ति का मामला पहुंचा कैट, डेपुटेशन पर भर्ती रोकने से इनकार

By Ravi Atwal Edited By: Sohan Lal
Published: Thu, 15 Oct 2026 07:40 PM (IST)

कैट ने चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में पंजाब और हरियाणा से शिक्षकों की भर्ती रोकने से इनकार कर दिया है। हालांकि नियुक्तियां अंतिम फैसले के अधीन रहेंगी।

डेपुटेशन पर टीचर्स की नियुक्ति पर उठे सवाल। (सांकेतिक फोटो)

डेपुटेशन पर टीचर्स की नियुक्ति पर उठे सवाल। (सांकेतिक फोटो)

HighLights

  1. कैट ने चंडीगढ़ शिक्षक भर्ती पर अंतरिम रोक नहीं लगाई।

  2. नियुक्तियां याचिका के अंतिम फैसले पर निर्भर करेंगी।

  3. शिक्षक संघ ने लंबी प्रतिनियुक्ति और पदोन्नति पर सवाल उठाए।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। यूटी प्रशासन के शिक्षा विभाग में पंजाब और हरियाणा से शिक्षकों की भर्ती का मामला सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) पहुंच गया है। जाइंट एक्शन कमेटी आफ टीचर्स यूटी चंडीगढ़ ने भर्ती प्रक्रिया पर रोक लगाने और लंबे समय से डेपुटेशन पर तैनात शिक्षकों को उनके मूल राज्यों में वापस भेजने की मांग करते हुए याचिका दायर की है।

कैट ने अंतरिम राहत देने से इनकार किया, लेकिन कहा कि चयनित कर्मचारियों की नियुक्ति याचिका पर अंतिम फैसले के अधीन रहेगी। प्रशासन को तीन सप्ताह में विस्तृत जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। अगली सुनवाई 16 नवंबर को होगी।

कमेटी ने 30 जुलाई 2026 के उस पत्र को चुनौती दी है, जिसके तहत पंजाब और हरियाणा से प्रिंसिपल, हेडमास्टर-हेडमिस्ट्रेस, लेक्चरर (पीजीटी) और मास्टर-मिस्ट्रेस (टीजीटी) के पैनल मांगे गए थे। डेपुटेशन का कोटा तय करने वाली अधिसूचनाओं को भी चुनौती दी गई है।

यूटी के शिक्षकों को प्राथमिकता देने की मांग

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि चंडीगढ़ शिक्षा विभाग में यूटी कैडर के योग्य कर्मचारियों की पदोन्नति के अवसरों पर विचार किया जाना चाहिए। कमेटी ने निर्धारित अवधि से अधिक समय से डेपुटेशन पर काम कर रहे कर्मचारियों को मूल राज्यों में भेजने की मांग भी की है।

याचिका के अनुसार, प्रशासन के निर्देशों में डेपुटेशन की अधिकतम अवधि तीन वर्ष है, जबकि कुछ लेक्चरर, टीजीटी और जेबीटी शिक्षक 10 से 20 साल या उससे अधिक समय से विभाग में कार्यरत हैं।