जेएनएन, चंडीगढ़। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पंजाब कांग्रेस प्रभारी हरीश रावत पर पलटवार किया है।उन्होंने कहा कि हरीश रावत ने मुझे पार्टी नेतृत्व के रुख के बारे में अंधेरे में रखा। उन्होंने आज जिस भाषा का इस्तेमाल किया वह अपमान नहीं तो क्या है। बता दें, कि रावत ने आज देहरादून में प्रेस कांफ्रेंस कर कैप्टन अमरिंदर सिंह पर जमकर निशाना साधा था।  

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब के कांग्रेस प्रभारी ने मुझे पार्टी नेतृत्व के रुख के बारे में अंधेरे में रखा। कुछ हफ्ते पहले ही रावत ने कहा था कि 2022 का विधानसभा चुनाव उनके (कैप्टन) के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री पद छोड़ने से तीन हफ्ते पहले उन्होंने सोनिया गांधी के समक्ष इस्तीफे की पेशकर की थी। उस समय उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद उन्हें कांग्रेस विधायक दल की बैठक से कुछ घंटे पहले सीएम पद से इस्तीफा देने को मजबूर किया गया। कैप्टन ने कहा कांग्रेस विधायक दल की बैठक निश्चित रूप से मुझे हटाने के लिए बुलाई गई थी। यह अपमान नहीं है तो क्या है।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि उनकी धर्मनिरपेक्षता पर मेरे सबसे बड़े आलोचक भी संदेह पैदा नहीं कर सकते।मेरे लिए जिस तरह की स्थितियां पैदा की गई यह मेरे लिए अपमानजनक रहा। यह स्पष्ट हो गया था कि जिस पार्टी की मैंने निष्ठापूर्वक वर्षों सेवा की उसे अब मुझ पर भरोसा नहीं रहा।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि रावत ने खुद उनसे मिलने के बाद सार्वजनिक रूप से कहा था कि वह 2017 के चुनावी वादों पर अपनी सरकार के ट्रैक रिकार्ड से संतुष्ट हैं। पंजाब के कांग्रेस प्रभारी ने हाल ही में 1 सितंबर को स्पष्ट रूप से कहा था कि 2022 का चुनाव उनके (कैप्टन अमरिंदर सिंह) नेतृत्व में लड़ा जाएगा और आलाकमान का उन्हें बदलने का कोई इरादा नहीं है। तो अब कैसे हरीश रावत यह दावा कर सकते हैं कि पार्टी नेतृत्व मुझसे असंतुष्ट था, और अगर वे थे, तो उन्होंने जानबूझकर मुझे अंधेरे में क्यों रखा।

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूछा कि अगर पार्टी का इरादा मुझे अपमानित करने का नहीं था, तो नवजोत सिंह सिद्धू को महीनों तक सोशल मीडिया और अन्य सार्वजनिक प्लेटफार्मों पर मेरी खुली आलोचना और हमला करने की अनुमति क्यों दी गई? पार्टी ने सिद्धू के नेतृत्व वाले विद्रोहियों को कमजोर करने के लिए खुली छूट क्यों दी?  कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पूछा कि क्यों कांग्रेस सिद्धू को अब भी पार्टी में मनमानी करने व अपनी शर्तों पर काम करने की छूट दे रही है। 

Edited By: Kamlesh Bhatt