आनलाइन डेस्क, चंडीगढ़। पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की महिला मित्र पाकिस्तानी पत्रकार अरूसा आलम को लेकर अभी राजनीति ठंडी नहीं पड़ी है। कैप्टन विरोधी नेता उन पर आरूसा के बहाने निशाना साध रहे हैं तो पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने भी इस कैप्टन पर निशाना साधा। मुस्तफा ने कैप्टन की अरूसा आलम से दोस्ती पर सवाल उठाया। कैप्टन ने भी इसका जवाब दिया। मोहम्मद मुस्तफा नवजोत सिंह सिद्धू के रणनीतिक सलाहकार हैं।

कैप्टन के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने ट्वीट कर मोहम्मद मुस्तफा के ट्वीट का जवाब दिया। इसमें उन्होंने मुस्तफा की पत्नी व बहू की अरूसा आलम के साथ खींची गई तस्वीर पोस्ट की। लिखा कि क्या आपकी पत्नी और बहू इस महिला (अरूसा आलम) के साथ नहीं हैं। आप कितना घटिया सोचते हैं। राजनीति को दोस्ती के साथ मिलाना। व्यक्तिगत रूप से आपके परिवार की यादें भी अरूसा आलम के साथ जुड़ी हैं। 

इस पर मुस्तफा ने कहा, ‘मेरा समय बहुत कीमती है। हमारे संबंधों की गहराई और आयाम आप सब की समझ से परे हैं। रवीन भाई कड़वी बातों में भी हम एक सीमा रेखा खींच कर रखते हैं। इस पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने जवाब दिया, ‘मुस्तफा भाई, हमारा समय समान रूप से कीमती है, जैसे लोग आपके रिश्तों को नहीं समझ सकते हैं, वैसे ही मुझे भी गलत समझा गया है।’

इससे पहले कैप्टन के मीडिया सलाहकार ने अरूसा आलम की सोनिया गांधी के साथ की फोटो भी ट्वीट की थी। इसमें उन्होंने सिर्फ यही लिखा, वैसे ही। (फाइल फोटो)। इस फोटो को उन्होंने ट्विटर पर उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, कांग्रेस व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी को टैग किया है। 

बता दें, सुखजिंदर सिंह रंधावा के इस बयान के बाद कि अरूसा आलम आइएसआइ से जुड़ी है और कैप्टन की नजदीकी है के बाद पंजाब में राजनीति गरमा गई। कभी कैप्टन के नजदीकी रहे नेता भी उन पर निशाना साधने लगे। आज परिवहन मंत्री अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने भी कैप्टन पर निशाना साधा। वडिंग ने कहा कि सिद्धू का पाकिस्तान जाना नेशनल सिक्योरटी के लिए खतरा है तो पंजाब के पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की पाकिस्तानी महिला मित्र अरूसा आलम का कैप्टन के घर रहना क्या नेशनल सिक्योरटी के लिए घातक नहीं है।

वहीं, नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने भी चुटकी ली। कहा कि कैप्टन को बाकी जिंदगी अरूसा आलम के साथ बितानी चाहिए। कहा कि कैप्टन के मंत्रिमंडल में अरूसा आलम का दखल था। उनकी सहमति के बिना किसी को भी मंत्री पद नहीं मिलता था यहां तक कि एसएचओ, एसपी की पोस्टिंग भी उसकी की सहमति से होती थी। कहा कि कैप्टन राज में वही अघोषित डीजीपी थी। 

Edited By: Kamlesh Bhatt