जेएनएन, चंडीगढ़। Corona virus punjab curfew: राज्य में कर्फ्यू के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा लोगों से मारपीट किए जाने पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस वाले इस दौर में लोगों के साथ मानवीय ढंग से पेश आएं। कैप्टन ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को दिए गए निर्देशों में स्पष्ट किया है कि पुलिसकर्मी कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों को शारीरिक दंड देकर कानून अपने हाथ में न लें। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि इस मुश्किल दौर में पुलिस अधिकारी लोगों के साथ मानवीय और संवेदना पूर्ण तरीके से पेश आएं।

मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नरमी अपनाने के निर्देश देते हुए कहा है कि पुलिसकर्मी उन लोगों के खिलाफ विशेष तौर पर अधिक सख्ती न बरतें जो रोजमर्रा की चीजों के लिए कर्फ्यू का उल्लंघन कर रहे हैं। डीजीपी दिनकर गुप्ता को निर्देश जारी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि कर्फ्यू की ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को इस बात के लिए तैयार किया जाए कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों शारीरिक दंड देने की इजाजत उन्हें नहीं है और उन्हें इस प्रकार कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। 

मुख्यमंत्री ने लोगों से भी अपील की है कि वह जरूरत पड़ने पर पुलिस और नागरिक प्रशासन द्वारा जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर से मदद मांग सकते हैं, पर वे कर्फ्यू का उल्लंघन करके अपने घर से न निकले। उन्होंने कहा कि लोगों को मुश्किल न हो इसलिए पुलिस और नागरिक प्रशासन दिन रात काम में जुटा है। सिख्स फॉर जस्टिस के गुरवंत सिंह पन्नू द्वारा युवाओं के लिए जारी किए गए टेलिफोनिक मैसेज पर भी संज्ञान लेते हुए कैप्टन ने कहा है कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने के किसी प्रयास को माफ नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इस संदेश से स्पष्ट है कि पन्नू को लोगों की जिंदगी से कोई मतलब नहीं है। उल्लेखनीय है अपने टेलिफोनिक संदेश में पन्नूू ने मुख्यमंत्री और डीजीपी गुप्ता को चुनौती देते हुए कहा है कि कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। डीजीपी गुप्ता ने कहा है कि कर्फ्यू की अनुपालना सुनिश्चित करने में पुलिसकर्मी अधिकतर काफी संवेदनशील तरीके से काम कर रहे हैं, लेकिन लोगों को शारीरिक सजा देने के कुछ मामलों के बाद उन्होंने सभी पुलिस आयुक्तों और अधीक्षकों को आदेश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की शारीरिक सजा दिए जाने को माफ नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा लोगों को पीटने के सामने आए कुछ दृश्यों को किसी भी स्वस्थ समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी जहां जरूरत हो कर्फ्यू का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर सकते हैं। पंजाब मेें कर्फ्यू की अनुपालना और लोगों की सहायता के लिए 40153 पुलिसकर्मियों को कर्फ्यू ड्यूटी पर तैनात किया गया है।

बता दें, राज्य में अब तक कर्फ्यू लगने के लिए दर्ज की गई 170 एफआइआर में सबसे अधिक 38 कपूरथला जिले में, 19 तरनतारन,  14 जालंधर, 13 अमृतसर में दर्ज की गई हैं। कपूरथला में ही सबसे अधिक 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि रोपड़ में 30, फतेहगढ़ साहिब में 22, बरनाला में 19, जालंधर ग्रामीण में 17 तरनतारन में 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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