जेएनएन, चंडीगढ़। भारत व पाकिस्तान नौ नवंबर को जहां करतारपुर कॉरिडोर खोलने की तैयारियों में जुटे हैैं वहीं. मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पुन: आशंका जताई है कि पाकिस्तान द्वारा कॉरिडोर खोलने का फैसला एक गहरी साजिश के तहत है। उन्होंने कहा कि इमरान खान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ भी नहीं ली थी कि पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा ने नवजोत सिंह सिद्धू को कहा कि वह करतारपुर कॉरिडोर खोलने का विचार कर रहे हैं। सेना प्रमुख को सपना आ रहा था कि सरकार यह कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पूरी तरह अलर्ट है। पड़ोसी देश सिखों की भावनाओं की सहानुभूति लेकर भाईचारे में दरार पैदा करना चाहता है। पंजाबियों को खास तौर पर चौकस रहने की जरूरत है क्योंकि पंजाब सरहदी क्षेत्र है। गुरुद्वारों के दर्शन को लेकर सिख 70 वर्षों से मांग करते आ रहे हैं। इतने वर्षों तक तो पाकिस्तान ने कभी इतना प्यार नहीं दिखाया। निश्चित रूप से यह आइएसआइ का एजेंडा है जिसका उद्देश्य रेफरेंडम-2020 के लिए सिख भाईचारे को प्रभावित करना है और इसे खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) की ओर से बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बात की उम्मीद कम ही है कि कॉरिडोर के जरिये पाकिस्तान कोई गलती करने की हिम्मत जुटा पाएगा, लेकिन हमें चौकन्ना रहने की आवश्यकता है।

एनएसजी व एनडीआरएफ की टीमें पहुंचीं पंजाब

पंजाब सरकार की मांग पर एनएसजी और एनडीआरएफ की पांच-पांच टीमें पंजाब पहुंच गई हैं जोकि मोर्चा संभालने के लिए तैयार हैं। एनएसजी जहां सुरक्षा की जिम्मेदारी को देखेगी वहीं, एनडीआरएफ किसी प्रकार की कोई दुर्घटना न हो, इसकी जिम्मेदारी उठाएगी। एडिशनल चीफ सेक्रेटरी सतीश चंद्रा ने इसकी पुष्टि की है।

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