जेएनएन, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि करतारपुर कॉरिडोर के शुभारंभ से एक दिन पहले '2020 सिख रेफरंडम' एप लांच करना आइएसआइ की साजिश है। उन्होंने '2020 सिख रेफरंडम' एप को भारत विरोधी बताते हुए इसे गूगल से तुरंत हटाने की मांग की है और इस संबंध में केंद्र सरकार को तुरंत निर्देश देने की भी अपील की है।

मुख्यमंत्री ने डीजीपी दिनकर गुप्ता को एप के लांच होने से पैदा हुए खतरे से निपटने के लिए केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल करने को कहा है। उन्होंने दावा किया कि इस एप के पीछे मंशा स्पष्ट रूप से गुरु नानक देव जी के 550वें प्रकाश पर्व को मनाने के लिए चल रहे समागमों के बीच सिख भाईचारे को दोफाड़ करने की है और यह आइएसआइ का एजेंडा है। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाए कि एक कट्टर अलगाववादी ग्रुप को ऐसे एप की मंजूरी गूगल द्वारा कैसे और क्यों दी गई?

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटना पूरे मुल्क और खासकर पंजाब की सुरक्षा के लिए खतरा है। बता दें कि मुख्यमंत्री बार-बार पाकिस्तान द्वारा कॉरिडोर खोलने के पीछे आइएसआइ के घिनौने इरादों के बारे में सचेत कर रहे हैैं। उनका कहना है कि आइएसआइ खालिस्तान समर्थक संगठन सिख फॉर जस्टिस (एसएफजे) को बढ़ावा दे रही है।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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