यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कैप्टन दिल्ली में, राहुल से मुलाकात के बाद होगा राणा का फैसला
कैप्टन अमरिंदर सिंह राहुल से मुलाकात के लिए आज दिल्ली में हैं। राहुल से मंत्रिमंडल विस्तार के साथ-साथ राणा मामले पर भी चर्चा की संभावना है।

चंडीगढ़ [मनोज त्रिपाठी]। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के हालात व पार्टी की कारगुजारी की जानकारी कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को देने के लिए गत दिवस देर शाम दिल्ली पहुंचे। कैप्टन के चंडीगढ़ से निकलने से पहले ही पंजाब कांग्रेस प्रधान सुनील जाखड़ भी दिल्ली के लिए रवाना हो गए थे। सूत्रों के अनुसार कैप्टन कैबिनेट मंत्री राणा गुरजीत सिंह के विवाद को लेकर भी राहुल गांधी से विचार करेंगे। कैप्टन व राहुल की मुलाकात अब सूबे में राणा की सियासत का भविष्य तय करेगी।
कैप्टन पंजाब से दो मुख्य एजेंडे लेकर राहुल से मिलेंगे। पहला मामला मंत्रिमंडल विस्तार का है। सरकार की कोशिश थी कि विधानसभा के बजट सत्र से पहले ही कम से कम दो नए मंत्रियों को मंत्रिमंडल में जगह दी जाए। आर्थिक हालत सुधारने में उलझी सरकार के लिए राणा का विवाद मुसीबत बन गया है। विपक्ष से लेकर पार्टी के अंदर तक इस मामले को लेकर कैप्टन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसके चलते मंत्रिमंडल विस्तार भी लटक गया है।
पार्टी के कुछ बड़े नेताओं ने राहुल गांधी को पहले ही राणा के विवाद को लेकर सारी जानकारी भेज दी है। सूत्रों का कहना है कि राहुल ने कैप्टन को मुलाकात के लिए बुलाया है। यही वजह कि कैप्टन से मुलाकात से पहले राहुल गांधी ने पार्टी स्तर से राणा के विवाद को लेकर अपने संपर्क सूत्रों के जरिए सारी रिपोर्ट एकत्र कर ली है। शुक्रवार को ही पंजाब कांग्रेस के प्रधान सुनील जाखड़ का भी चुपचाप दिल्ली जाना संकेत दे रहा है कि राहुल जाखड़ से भी सारी बातों को लेकर रिपोर्ट लें। हालांकि जाखड़ के करीबियों का कहना है कि जाखड़ निजी दौरे पर दिल्ली गए हैं।
छिन सकता है मंत्री पद
सूबे की मौजूदा सियासत के मद्देनजर कैप्टन का दिल्ली दौरा काफी अहम माना जा रहा है। अगर पार्टी हाईकमान का दबाब पड़ता है, तो कैप्टन को मंत्रिमंडल से राणा की छुट्टी करनी पड़ सकती है। यह भी संभव है कि इस संबंध में गठित जांच आयोग की रिपोर्ट में क्लीन चिट मिलने के बाद राणा को दोबारा मंत्री बना दिया जाए। फिलहाल कैप्टन व राहुल की मुलाकात में मंत्रिमंडल विस्तार और राणा के मामले में फैसला हो सकता है। राणा की छुट्टी के बाद मंत्रिमंडल में एक और नए चेहरे को जगह मिल सकती है।
जाखड़ का बढ़ा कद
सूबे की सियासत के इतिहास में पहली बार कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पार्टी प्रधान का कद बढ़ाकर उन्हें प्रशासनिक बैठक में शामिल कर राणा विवाद को लेकर पार्टी में चल रहे गतिरोध को खत्म करने की कवायद की है। वीरवार को सूबे के प्रशानिक अफसरों के साथ मुख्यमंत्री ने बैठक में पहली बार पार्टी प्रधान को बैठाकर एक तीर से तीन निशाने किए हैं, ताकि अफसरशाही को स्पष्ट संदेश मिल जाए कि विधायकों व नेताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
साथ ही यह भी संदेश दिया कि सरकारी काम में सियासी दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जाखड़ को बैठक में शामिल करने के बाद कुछ विधायकों ने जाखड़ को कैबिनेट रैंक दिए जाने की आवाज उठानी शुरू कर दी है। कैप्टन के इस फैसले से राणा के विवाद को लेकर पार्टी में चल रहा गतिरोध कुछ हद तक कम जरूर हुआ है और नेताओं को उम्मीद है कि अब प्रशासनिक काम में उनकी भी सुनवाई होगी।
