चंडीगढ़, जेएनएन। भाजपा और कांग्रेस अपने मेयर सहित सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के उम्मीदवार की घोषणा सोमवार को करेगी। सोमवार को ही नामांकन भरने की अंतिम तारीख है। शाम पांच बजे तक नगर निगम में नामांकन भरा जा सकता है। पहले उम्मीद जताई जा रही थी कि भाजपा अपने मेयर पद के उम्मीदवार की घोषणा रविवार शाम कर देगी लेकिन स्थानीय भाजपा नेताओं की आपसी गुटबाजी के कारण हाईकमान ऐसा नहीं कर पाई। हालांकि पार्टी प्रभारी प्रभात झा ने पार्षदों द्वारा ली गई राय पर अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय संगठन मंत्री और अध्यक्ष अमित शाह को सौंप दी है। शाह की मंजूरी लेने के बाद हाईकमान की ओर से नाम तय करके इसकी जानकारी संगठन मंत्री दिनेश कुमार को दे दी गई है।

संगठन मंत्री करेंगे ऐलान

संगठन मंत्री सोमवार दोपहर पार्टी कार्यालय में पार्षदों की मी¨टग बुलाकर वहां पर मेयर, सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के उम्मीदवारों की घोषणा करेंगे। मेयर पद के भाजपा में तीन प्रबल दावेदार हैं जिनमें पूर्व मेयर राजबाला मलिक, हीरा नेगी और सुनीता धवन का नाम शामिल है। रविवार को पूरा दिन हाईकमान से लेकर स्थानीय स्तर पर भाजपा की राजनीति गरमाई रही। भाजपा में उम्मीवार बनने की इसलिए ज्यादा होड़ है क्योंकि भाजपा के पास जीत से ज्यादा पार्षदों के मत है। सीनियर डिप्टी मेयर पद पर शक्तिदेव शाली, रवि शर्मा और जगतार जग्गा में किसी एक को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। सोमवार को नामांकन से तीन घंटे पहले ही मेयर उम्मीदवार के नाम की घोषणा की जाए। ऐसा भाजपा इसलिए कर रही है कि ताकि बवाल होने पर बागी उम्मीदवार को खड़ा होने का समय हीं नहीं मिल पाए क्योंकि उम्मीदवार खड़ा होने के लिए महिला पार्षद को अपने नामांकन पत्र में दो पार्षदों के हस्ताक्षर की जरूरत है।

कांग्रेस ने भी बुलाई बैठक

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष ने उम्मीदवारों का नाम तय करने के लिए सोमवार 12 बजे सेक्टर-35 स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक बुला ली है। जिसमें पार्टी ने यह तय करना है कि गुरबख्श रावत को उम्मीदवार बनाया जाए या र¨वदर कौर गुजराल को, इसके साथ ही कांग्रेस सीनियर डिप्टी मेयर पद पर सतीश कैंथ को उम्मीदवार बनाने की तैयारी कर रही है।

पिछले दो साल से हो रही है बगावत

पिछले दो साल से मेयर चुनाव में दो बार भाजपा में बगावत हो चुकी है। पिछले साल जब पार्टी ने राजेश कालिया को उम्मीदवार बनाया तो सतीश कैंथ ने बगावत करके निर्दलीय तौर पर चुनाव लड़ा था। जिसमें कैंथ को कांग्रेस का समर्थन मिला और भाजपा के पांच वोट क्रॉस हुए। जबकि साल 2018 में जब पार्टी ने देवेश मोदगिल को मेयर का उम्मीदवार बनाया तो टंडन गुट से पूर्व मेयर आशा जसवाल से बागी उम्मीदवार के तौर पर नामांकन भर दिया था। हालांकि बाद में पार्टी आशा जसवाल का नामांकन वापस करवाने में कामयाब भी रही।

 

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