जागरण संवाददाता, जीरकपुर : चंडीगढ़-दिल्ली मार्ग पर चलने वाली बसें नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए चल रही हैं। जीरकपुर में कोई स्थायी बस अड्डा न होने के कारण यह बसें आधी रात में भी यात्रियों को मुख्य मार्ग पर लोकल बसों के लिए बने ठहराव पर उतार देती हैं, जिससे वह अक्सर हादसों का शिकार होते हैं। शहरवासियों की इस समस्या के समाधान की मांग करते हुए जैक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन ने पंजाब के परिवहन मंत्री लालजीत भुल्लर को इस संबंध में पत्र लिखा है।

जैक रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सुखदेव चौधरी ने बताया कि जीरकपुर में पंचकूला लाइट्स के निकट बनी बस अड्डे की इमारत का कभी भी सही तरीके से इस्तेमाल नहीं हो पाया है। चंडीगढ़ व पंचकूला से दिल्ली मार्ग पर जाने वाली हरियाणा व पंजाब रोडवेज, पीआरटीसी की बसें अक्सर पुल के ऊपर से निकलती हैं।

यही हालात दिल्ली से चंडीगढ़ व पंचकूला आने वाली बसों का है। बहुत से लोग यहां से दिल्ली अपने काम के लिए जाते हैं। रात्रि के समय जब वह पीआरटीसी व पंजाब रोडवेज या अन्य बसों में आते हैं तो उन्हें जीरकपुर शहर से करीब चार किलोमीटर पहले मुख्य मार्ग पर ही उतार दिया जाता है। मुख्य मार्ग का यह बस ठहराव केवल जीरकपुर से पंचकूला जाने वाली लोकल बसों के लिए बनाया गया है।

आधी रात को महंगे दामों में जाना पड़ता है आटो में

चौधरी ने बताया कि दिल्ली से आने वाली बसें आधी रात में जब यात्रियों को बीच सड़क में उतारती हैं, तो उन्हें मजबूरन महंगे दामों पर आटो लेकर जीरकपुर, पीरमुछल्ला व ढकौली स्थित अपने घरों में जाना पड़ता है। कई बार तो जितना किराया दिल्ली से जीरकपुर आने में लगता है उससे अधिक किराया जीरकपुर से अन्य स्थानों में जाने के लिए लगता है। कई बार तो रात के अंधेरे में बाहर से आने वाले यात्री हादसे का शिकार भी हो चुके हैं।

उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली से आने वाली बसों को पुल के ऊपर की बजाए नीचे से भेजा जाए, तो वह दिल्ली से आने वाले यात्रियों को पटियाला चौक पर उतार सकती हैं। पंजाब के परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर मांग की गई है कि वह मुख्य मार्ग से होकर निकलने वाली बसों को पुल के ऊपर के बजाए नीचे से निकलने के निर्देश जारी करें, ताकि बाहर से आने वाले यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो।

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