जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : शहर के विभिन्न टॉयलेट ब्लॉक की मेंटेनेंस और ऑपरेशन के बदले एडवर्टाइजमेंट लगाने पर फीस नहीं देने वाली जिस सेलवेल मीडिया सर्विसेज प्राइवेट लि. को नगर निगम ने डीबार किया था। अब साउथ दिल्ली नगर निगम ने भी सेलवेल को फीस नहीं देने पर ब्लैकलिस्ट कर दिया है। दिल्ली एमसी ने 4.66 करोड़ की बकाया रकम अदा नहीं करने के कारण ब्लैकलिस्ट किया है। इससे पहले चंडीगढ़ नगर निगम को भी सेलवेल कंपनी से 25 करोड़ रुपये रिकवर करने हैं। पेनल्टी के बाद यह रकम काफी बढ़ गई है। इसके लिए पिछले दिनों डीसी को लेटर लिखकर एमसी ने रिकवरी के लिए लिखा था। सेलवेल मामले में कई अधिकारियों पर भी गाज गिर चुकी है। साथ ही इस मामले की प्रधानमंत्री कार्यालय तक शिकायत की जा चुकी है। यह पूरा मामला एडवर्टाइजमेंट फीस से जुड़ा है, जो टॉयलेट ब्लॉक और कनेक्टिंग पैसेज पर लगे विज्ञापन के जरिए आना था। चार साल पहले भी जारी हुए थे तीन नोटिस

पूर्व ओएसडी एके डढवाल ने मार्च 2014 में सेलवेल को तीन नोटिस जारी कर सेलवेल को एडवर्टाइजमेंट फीस जमा करने के लिए कहा। यह तीन नोटिस एक करोड़ 21 लाख, 98 लाख और 31 लाख रुपये के थे। लेकिन 7 करोड़ रुपये की बकाया रकम के नोटिस जारी नहीं किए गए। इस बीच अनुराग बिश्नोई को ओएसडी का चार्ज मिल गया। बकाया रकम वसूलने पर सितंबर 2014 में हाईकोर्ट में रिट पटीशन दायर की गई। हाईकोर्ट की डबल बैंच ने निगम कमिश्नर को शोकॉज नोटिस जारी कर पूछा कि सेलवेल को बकाया 7 करोड़ रकम के नोटिस जारी क्यों नहीं किए गए। फटकार के बाद निगम ने जारी किया था नोटिस

हाईकोर्ट की फटकार के बाद निगम ने अक्टूबर 2014 में बकाया रकम के भी नोटिस जारी कर दिए। हाईकोर्ट ने इस मामले में जल्द से जल्द रिकवरी के ऑर्डर जारी किए। सीबीआइ ने दिसंबर 2014 में निगम के तीन अफसरों के खिलाफ 13.66 करोड़ के नुकसान की एफआइआर दर्ज की। इनमें पूर्व एक्सईएन आरसी दीवान, एसई एसआर अग्रवाल और चीफ इंजीनियर एसके बंसल शामिल थे। कंपनी के जीएम विश्वजीत दत्ता और डायरेक्टर्स पर भी एफआइआर दर्ज की गई।

Posted By: Jagran

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