जेएनएन, चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री का निवास का घेराव करने जा रहे भाजपा किसान मोर्चा के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने पानी की बौछार कर रोक लिया। पंजाबभर से एकत्रित किसान नारे लगाकर कैप्टन अमरिंदर से अपना पूर्ण कर्जा माफी का वादा पूरा करने की मांग कर रहे थे। पंजाब भाजपा के उपाध्यक्ष हरजीत सिंह ग्रेवाल, प्रदेश सचिव विनीत जोशी, किसान मोर्चा के अध्यक्ष व पूर्व विधायक सुखपाल सिंह नन्नू, किसान मोर्चा के महामंत्री कुलदीप भंगेवाला व भगता के नेतृत्व में किसानों ने मुख्यमंत्री निवास की तरफ कूच कर रहे थे।

सुखपाल सिंह नन्नू ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को याद दिलाया कि उन्होंने अपने चुनावी वादे के अनुसार पहली कैबिनेट मीटिंग में किसानों का पूर्ण कर्जा माफ नहीं किया, यह वह वादा था जो उन्होंने गुटका साहिब को हाथ में लेकर किसानों के साथ किया था। कैप्टन ने तीन माह बाद विधानसभा में 19 जून को पूर्ण कर्जा माफी से मुकरते हुए पहले तो अधूरी कर्जा माफी की घोषणा की, फिर वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने वाॢषक बजट में नाममात्र 1500 करोड़ रुपये रखे और अब तक बैंकों को सरकार ने लिखित रूप में कुछ नहीं भेजा।

उन्होंने कहा कि जब तक सरकार बैंकों को लिखकर नहीं भेजेगी या पैसा नहीं देगी, तब तक ऋण खत्म नहीं होगा, फिर विधानसभा में इस घोषणा का क्या अर्थ। अब बैंकों ने डिफाल्टर किसानों को नोटिस देने के साथ-साथ उनकी तस्वीरें भी नोटिस बोर्ड पर लगानी शुरू कर दी हैं। और तो और एक किसान ने अपने सुसाइड नोट में अपनी मौत का जिम्मेदार कैप्टन अमरिंदर सिंह को ठहराया है।

किसान मोर्चा भाजपा ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि पूर्ण कर्जा माफी का ऐलान तुरंत करे, नहीं तो पंजाब को किसानों का शमशान बनने से कोई नहीं रोक सकता तथा भाजपा यह किसी भी हालत में होने नहीं देगी। वहीं नन्नू ने घोषणा की किसानों का यह आंदोलन पूर्ण कर्जा माफी तक जारी रहेगा।

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