जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। दशहरा पर पटाखे जलाने के मामले में पुलिस ने संबंधित दशहरा कमेटियों के और एक भाजपा नेता समेत 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस मामले में कांग्रेस और भाजपा के नेताओं में जुबांनी जंग छिड़ गई है। कांग्रेस के नेताओं ने इसके लिए सीधे तौर पर भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद को जिम्मेदार बताया है। वहीं, भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद का कहना है कि दर्ज मामले खारिज करवाए जाएंगे।

भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद का कहना है कि पुलिस ने लोगों पर मामले दर्ज किए हैं, जो सरासर गलत है। लोगों ने त्योहार मनाया है कोई जुर्म नहीं किया है। दशहरा मनाने वाले कोई आतंकवादी नहीं है, जिन्होंने बम फोड़े हों। दशहरा के दिन जहां जहां पर पुलिस ने रावण के पुतलों से पटाखे निकाले हैं वह उस दिन सही से जल नहीं पाए हैं। यह हिंदू संस्कृति का अपमान है क्योंकि रावण का सही तरीके से दहना होना जरूरी था। सूद का दावा है कि हिंदू संस्कृति का अपमान बदार्श नहीं किया जाएगा। उनका कहना है कि वह पार्टी हाईकमान से बात करेंगे और दर्ज सभी मामले खारिज करवाएं जाएंगे। चंडीगढ़ में एनजीटी के आदेशों की अवहेलना नहीं हुई है क्योंकि पटाखों पर पाबंदी दिवाली के लिए है न कि दशहरा पर थी। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में पटाखों पर पाबंदी लगाकर मजाक बना रखा है।

भाजपा अध्यक्ष पर विश्वास करने का मिला पुरस्कार : कांग्रेस

        

कांग्रेस महासचिव हरमेल केसरी ने कहा कि सेक्टर-28बी में रावण दहन करने पर दशहरा कमेटी के सदस्यों पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। मनीमाजरा आजाद ड्रामेटिक क्लब के अध्यक्ष मदन लाल आचार्य, नवदीप कौशिक, न्यू इंदिरा कालोनी की धर्म रक्षक कला मंच एवं रामलीला दशहरा आयोजक कमेटी, मलोया गांव की यूथ वेलफेयर क्लब दशहरा कमेटी और सेक्टर 20 के आजाद ड्रामेटिक क्लब पर भी केस दर्ज हुए हैं। दशहरा से एक दिन पहले भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद ने कहा था कि उनकी प्रशासन से बात हो गई है। ऐसे में सभी रामलीला कमेटियां पटाखे युक्त रावण का दहन कर सकती हैं। सूद की के बातों में आकर रामलीला कमेटियों ने ऐसा किया और उन पर केस दर्ज हुए। इन सभी दर्ज हुए केसों के लिए भाजपा अध्यक्ष अरुण सूद को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। सता पक्ष पार्टी के अध्यक्ष पर विश्वास करने का पुरस्कार जनता और रामलीला कमेटियों को दर्ज हुए केस के रूप में मिला।

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं चंडीगढ़ कांग्रेस के प्रवक्ता हरमेल केसरी ने दशहरे पर  पटाखे लगाकर रावण दहन करने पर दर्ज किए गए केसों को खारिज करने की मांग की। हरमेल केसरी ने बताया कि प्रशासन ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। दिवाली पर पटाखों पर रोक है, उसमें कहीं पर भी स्पष्ट तौर यह नहीं लिखा गया है कि दशहरा पर पटाखे लगाकर रावण दहन करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसलिए इन दर्ज किए गए मामलों को जल्द से जल्द खारिज करके लोगों एवं संस्थाओं कै राहत दी जाए।

Edited By: Ankesh Thakur