राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कादियां के कांग्रेस के विधायक व प्रताप सिंह बाजवा के छोटे भाई विधायक फतेहजंग बाजवा व विधायक बलविंदर लाडी भाजपा में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा  क्रिकेटर दिनेश मोंगिया ने भी आज दिल्ली में भाजपा का दामन थाम लिया है। 

उक्त नेताओं के अलावा अकाली दल से तीन बार विधायक रहे गुरतेज गुढियान भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र शेखावत ने इन नेताओं को दिल्ली में पार्टी की सदस्यता दिलवाई। नवजोत सिंह सिद्धू ने पिछले दिनों बाजवा को कादियां से उम्मीदवार घोषित किया था। हालांकि, प्रताप सिंह बाजवा भी कादियां सीट से दावा ठोक रहे थे। उनका कहना था कि वो कादियां से चुनाव लड़ेंगे, लेकिन किसके खिलाफ वो समय आने पर पता चलेगा। कैप्टन के करीबी हैं। इससे पहले राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी ने भाजपा का दामन थामा था। 

भाजपा का दामन थामने के बाद पूर्व क्रिकेटर दिनेश मोंगिया ने कहा कि पंजाब के लोगों की सेवा करने के लिए उन्होंने भाजपा दामन थामा है। विकास के लिए लोगों के पास भाजपा के अलावा और कोई विकल्प नहीं है। 

बता दें, कृषि कानूनों की वापसी के बाद भाजपा ने पंजाब में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। पार्टी लगातार राज्य में अपना कुनबा बढ़ा रही है। किसान आंदोलन के दौरान पंजाब मे भाजपा नेताओं का विरोध किया जा रहा था, लेकिन कानूनों की वापसी पंजाब में भाजपा के लिए संजीवनी बनी है। अब दूसरे दलों के नेता भाजपा से परहेज नहीं कर रहे। 

पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा पहले ही पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की लोक कांग्रेस पार्टी ेके साथ गठबंधन कर चुकी है। भाजपा जिस तरीके से अपना कुनबा बढ़ा रही है और राज्य में अभुभवी नेताओं को अपने साथ जोड़ रही है उससे विधानसभा चुनावों में पार्टी अन्य दलों को बड़ी चुनौती दे सकती है। राज्य में कांग्रेस, आप, शिअद-भाजपा गठबंधन व भाजपा के बीच चतुष्कोणीय मुकाबला होने की संभावना है। इसके अलावा किसान संगठनों ने भी चुनाव लड़ने की ताल ठोकी हुई है। पंजाब में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे नजदीक आएगा, मुकाबला और रोचक होता जाएगा। 

Edited By: Kamlesh Bhatt