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चंडीगढ़ में 'भारत टैक्सी' सेवा की शुरुआत, Ola और Uber बैन के बाद बेहतर विकल्प; पंजाब के तीन शहरों में विस्तार की तैयारी

Published: Fri, 18 Sep 2026 08:49 PM (IST)

चंडीगढ़ में ओला-उबर के बैन के बाद सहकारी मॉडल पर आधारित 'भारत टैक्सी' सेवा शुरू हुई है, जिसमें चालक भी ...और पढ़ें

प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ करते हुए। साथ में हैं केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल और कृष्ण पाल गुर्जर।

प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ करते हुए। साथ में हैं केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल और कृष्ण पाल गुर्जर।

HighLights

  1. चंडीगढ़ में एक लाख ड्राइवर के पंजीकरण का दावा।

  2. पांच लाख उपभोक्ताओं ने एप पर कराया पंजीकरण।

  3. पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और जालंधर में विस्तार होगा।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। ओला-उबर, इनड्राइव और रैपिडो के बैन होने के बाद अब चंडीगढ़ में कैब सर्विस का बेहतर विकल्प मिल गया है। शुक्रवार को सहकारी माॅडल पर आधारित राइड-हेलिंग सेवा भारत टैक्सी को लॉन्च किया गया।

सेक्टर-9 स्थित नए यूटी सचिवालय में आयोजित समारोह में हुए लॉन्चिंग कार्यक्रम में पहुंचे केंद्रीय सहकारिता एवं नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने दावा किया कि चंडीगढ़ में एक लाख से अधिक ड्राइवर (सारथी) भारत टैक्सी सेवा के लिए पंजीकरण करवा चुके हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पांच लाख शहरवासी भारत टैक्सी सेवा एप पर पंजीकरण करवा चुके हैं। भारत टैक्सी का संचालन चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के आसपास पहले से किया जा रहा है। अब एयरपोर्ट तक सेवा शुरू करने की तैयारी है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ में सेवा की शुरुआत इसके विस्तार का एक और महत्वपूर्ण चरण है। आने वाले महीनों में पंजाब के अमृतसर, लुधियाना और जालंधर सहित अन्य शहरों में भी भारत टैक्सी की सेवाओं का विस्तार किया जाएगा।

पंजाब के राज्यपाल एवं प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने डिजिटल माध्यम से भारत टैक्सी सेवा का शुभारंभ किया। इस मौके पर केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर भी समारोह में मौजूद रहे।

भारत टैक्सी, भारत का पहला सहकारी मॉडल पर आधारित राइड-हेलिंग प्लेटफार्म है। यह शुभारंभ ऐसे समय हुआ है जब यूटी प्रशासन ने करीब 10 दिन पहले उबर और रैपिडो के लाइसेंस निलंबित किए थे, जबकि ओला और इनड्राइव पर इससे पहले कार्रवाई हो चुकी थी। इससे यात्रियों के पास एप आधारित परिवहन सेवाओं के विकल्प सीमित हो गए हैं।