मोहाली, जेएनएन। मोहाली के स्वाड़ा गांव में स्थित स्ट्रोकर्स क्रिकेट एकेडमी में करवाए फर्जी क्रिकेट मैच को श्रीलंका के बादुला शहर का टी-20 मैच बताकर ऑनलाइन सट्टा लगाने वाले गिरोह के किंगपिन रविंदर सिंह डंडीवाल से बीसीसीआइ के ज्वाइंट कमिश्नर आलोक कुमार व सीनियर अधिकारी अंशुमन पूछताछ के लिए मंगलवार को मोहाली पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि बीसीसीआइ की टीम दोपहर 12 बजे एसएसपी दफ्तर पहुंची थी। जिसके बाद टीम ने उस स्टेडियम का भी दौरा किया, जहां फर्जी मैच करवाया गया था। बाद दोपहर बीसीसीआइ के अधिकारियों ने एसपी देहात डॉ. रवजोत ग्रेवाल व एसएचओ सदर सुखबीर सिंह के सामने एक बंद कमरे में आरोपित रविंदर सिंह डंडीवाल से पूछताछ की।

एसपी प्रभजोत ग्रेवाल ने बताया कि आरोपित डंडीवाल से जो पूछताछ हुई, उसे डिस्क्लोज नहीं किया जा सकता। इस मामले में कुछ बड़े घरानों के नामी लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं, जिनसे आने वाले समय में बड़े खुलासे हो सकते हैं। आरोपित डंडीवाल से करीब छह घंटे पूछताछ हुई।

जांच के लिए बनाई जाएगी कमेटी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार डंडीवाल की क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया (सीसीआइ) नाम से रजिस्टर्ड क्लब द्वारा विदेशों में जितने भी टूर्नामेंट में हिस्सा लिया गया है, उसकी जांच के लिए कमेटी बैठाई जाएगी। डंडीवाल ऑस्ट्रेलिया में टीम का कोच बनकर गया था और उस दौरान कितने प्लेयर्स उसके साथ टीम का हिस्सा बनकर गए थे, उनकी इन्क्वायरी होगी और यह पता लगाया जाएगा कि अब वह प्लेयर्स कहां और किस एकेडमी के लिए खेल रहे हैं या नहीं। डंडीवाल विदेशों में हुए टूर्नामेंट में कभी कोच, कभी फिजियो कोच तो कभी जनरल मैनेजर बनकर जाता रहा है। पुलिस को शक है कि इसके लिए डंडीवाल जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करता रहा है। जिसकी जांच भी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार डंडीवाल से पुलिस को कुछ मोबाइल सिम बरामद हुए हैं, उनकी जांच की जा रही है। वहीं, अब तक दिल्ली के जितने बुकी के नाम सामने आए हैं, उनके ठिकानों पर रेड के लिए टीमें रवाना हो चुकी हैं।

सट्टेबाजी का मामूली सा मोहरा है रविंदर

बीसीसीआइ अब इस जांच में जुटी है कि विदेशों में जो भी टूर्नामेंट हुए, वह किसके द्वारा स्पांसर करवाए गए थे और उन टूर्नामेंट में देश-विदेश की कितनी टीमों ने हिस्सा लिया था। आलाधिकारियों का कहना है कि रविंदर सिंह डंडीवाल इस गिरोह का छोटा सा प्यादा है, जिसे सट्टेबाजी के लिए इस्तेमाल किया गया। लेकिन इस गिरोह में बहुत से सरगना शामिल हैं, जिनका पैसा विदेशों से बैटिंग के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

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