जागरण संवाददाता चंडीगढ़। देश आजादी की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत कई तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में नेशनल लीगल सर्विसेज अथारिटी (नालसा) की तरफ से लांच किए गए रिलीजयूटीआरसी@75 (“Release_UTRC@75”) के तहत चंडीगढ़ में 151 अंडर ट्रायल कैदियों को राहत दी गई। इनमें 114 कैदियों को जमानत मिली, जबकि 37 कैदियों को रिहा कर दिया गया। यह कैदी उन 16 कैटेगरी में शामिल थे, जिन्हें राहत की श्रेणी में रखा गया था।

सेशन जज गुरबीर सिंह, एसएसपी कुलदीप सिंह चहल, डिप्टी कमिश्नर विनय प्रताप सिंह और डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथारिटी के सेक्रेटरी सीजेएम अशोक कुमार मान इस अंडर ट्रायल रिव्यू कमेटी में शामिल किए गए। अशोक कुमार मान ने बताया इस अभियान की शुरुआत में सबसे पहले हमने बुड़ैल जेल से उन कैदियों की पूरी जानकारी एकत्रित की।

चंडीगढ़ के सबसे ज्यादा कैदियों की मिली जमानत

चंडीगढ़ की माडल बुड़ैल जेल कुल 816 कैदी थे, जिन पर 1473 केस चल रहे थे। इसमें से 223 कैदी ऐसे थे, जिन्हें रिलीजयूटीआरसी@75 अभियान के तहत जमानत मिल सकती थी। इन कैदियों पर अलग -अलग मामलों के तरह 420 केस चल रहे थे। कुल कैदियों में हरियाणा के 11 कैदी, पंजाब के 13 कैदी, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश का एक -एक कैदी था। अन्य सभी कैदी चंडीगढ़ के थे।

स्टेट लीग सर्विसेज अथारिटी की चेयरपर्सन रितु बाहरी ने इस अभियान में पूरी सक्रियता दिखाई। इस अभियान के तहत नौ अगस्त को जिला अदालत में खासतौर पर लोक अदालत लगाई गई। जिसमें कुल 103 केसों की सुनवाई हुई। इसमें खास बात यह रही कि मामूली धाराओं में जेल बंद 41 कैदियों के केसों को बंद कर दिया गया। जबकि 21 केसों का अभी चालान पेश नहीं हुआ था, इसलिए इन पर कोई फैसला नहीं लिया गया। इनमें 19 केस बंद नहीं किए गए। इसमें कुल 37 कैदियों के केस बंद कर दिए और उन्हें छोड़ दिया गया। चार कैदियों को इसलिए रिहा नहीं किया गया क्योंकि उन पर अन्य मामले भी चल रहे थे।

इस तरह कैदियों की दी गई जमानत

20 से 25 जुलाई के बीच पांच कैदियों को जमानत मिली

25 से एक अगस्त के बीच 39 कैदियों को जमानत मिली

एकअगस्त से आठ अगस्त को 25 कैदियों को जमानत मिली

9 अगस्त को आयोजित लोक अदालत में 37 कैदी रिहा किए गए

10 अगस्त से 12 अगस्त को 45 कैदियों को जमानत मिली

Edited By: Ankesh Thakur