कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़। चंडीगढ़ को स्मार्ट सिटी का तगमा लगाया गया है, जबकि शहर के सेक्टरों में हालात बदतर हैं। सेक्टर-33 स्थित पार्कों की दयनीय हालत पर स्थानीय लोग स्मार्ट सिटी के टैग को सिर्फ कागजों पर बताने के साथ असलियत कुछ और होने का दावा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सेक्टर-33 को वीआइपी सेक्टरों में गिना जाता है, लेकिन वहां के पार्कों की हालत दयनीय है।

सेक्टर 33 की निवासी ललिता रानी कहा कि उनके घर के सामने पार्क की बुरी हालत है। बड़ी बड़ी घास उगी हुई है और शेल्टर में लगाए गए बेंच गायब हैं। सुबह सैर करने के लिए बनाया गया ट्रैक भी पक्का नहीं है, वहां के काउंसलर राजेश गुप्ता तो कभी नजर नहीं आते हैं। वहीं, सेक्टर 33 के निवासी हरीश गुप्ता का कहना है कि उनके घर के सामने पार्क में चलने वालों के रास्ते घास से ढक चुके हैं। वहां पर गड्ढे पड़े हैं जिसकी वजह से बच्चे खेल नहीं पा रहे हैं। इसके अलावा वहां पर ईंट पत्थरों के ढेर लगे हुए हैं।

सेक्टर-33बी निवासी हरपाल सिंह के अनुसार पार्कों के आसपास झाड़ियां उगी हैं। पेड़ों की प्रूनिंग होने वाली है। वहीं, सेक्टर-32/33 वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान जगदीप महाजन का कहना है कि सेक्टर 33 टेरेस गार्डन का फाउंटेन बड़ी मुश्किल से शुरू करवाया था। उसे भी बंद करवा दिया गया है, इसी संदर्भ में सेक्टर-33 के निवासियों ने विरोध प्रदर्शन भी किया। इस दौरान हरीश गुप्ता, सोमवीर आनंद, ललिता रानी, अशोक गुप्ता, इंदु वर्मा, संजय खुराना, रामपाल अग्रवाल, वेद प्रकाश शर्मा, जगदीप महाजन, संदीप गिल, राकेश सोनी, योगेश सोनी, व अन्य सीनियर सिटीजन उपस्थित थे। उन्होंने मौजूदा काउंसलर राजेश गुप्ता के खिलाफ जोरदार नारेबाजी किया और नगर निगम के अधिकारियों के प्रति रोष जाहिर किया।

Edited By: Ankesh Thakur