राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। पंजाब में वरिष्ठ अधिकारियों व गणमान्य व्यक्तियों के नाम पर लोगों को ठगा जा रहा है। स्टेट साईबर क्राइम सेल ने लोगों को चेताया है कि वे सावधान रहें। नकली वाट्सएप आइडी का प्रयोग करके वित्तीय, प्रशासनिक मांग करने वाले संदेशों से सचेत रहने का सुझाव दिया है।

साईबर क्राइम सैल के अधिकारियों का कहना है कि यदि ऐसा मामला उनके संज्ञान में आता है तो वह तुरंत टोल फ्री नंबर 1930 पर सूचना दें। आइजीपी स्टेट साईबर क्राइम आरके जायसवाल ने कहा कि एक महीने से भी कम समय में ऐसे दो मामले सामने आए हैं, जिनमें धोखाधड़ी करने वालों ने वीवीआइपी की पहचान अपनाकर लोगों को धोखा देने की कोशिश की।

मामले में बीती 26 अप्रैल आइपीसी की धारा 420 और 511, आइटी एक्ट की धाराएं सी एवं डी और बीती 19 मई को आइटी एक्ट की धारा सी के अंतर्गत दो एफआइआर दर्ज की हैं। आरोपितों को पकड़ने के प्रयास जारी है।

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डीआइजी स्टेट साईबर क्राइम नीलांबरी जगदले ने कहा कि दोषियों का मुख्य उद्देश्य लोगों को धोखा देना था। इस तरह की धोखाधड़ी पूरे भारत में प्रचलित है। उन्होंने कहा कि यह असामाजिक तत्व अलग-अलग आधुनिक तरीकों का प्रयोग करके अलग-अलग लोगों को निशाना बनाते हैं। उनके मोबाइल फोनों तक अनाधिकृत तरीके से पहुंच करते हैं।

डीआइजी ने कहा, इसके बाद वह अपनेआप को वरिष्ठ अधिकारियों, गणमान्य व्यक्तियों के रूप में पेश करते हैं और एमेजन गिफ्ट वाउचर के रूप में या मेडिकल एमरजेंसी के बहाने या किसी भी तरह की आपातकालीन स्थिति पैदा करके पैसों की मांग करते हैं। जगदले ने बताया कि आगे की जांच तकनीकी ढंग से की जा रही है और साईबर क्राइम टीमें बहुत से तथ्यों को एकत्र कर रही हैं।

Edited By: Kamlesh Bhatt