जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : मेहरचंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर वुमेन के इतिहास विभाग ने महात्मा गाधी की विचारधारा और आज के युवाओं के बीच इसकी प्रासंगिकता विषय पर एक ऑनलाइन निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया। महात्मा गाधी की 150वीं जयंती के द्वितीय वर्ष स्मरणोत्सव के समापन के उत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित इस प्रतियोगिता में विभिन्न संकायों के 45 से अधिक विद्याíथयों ने हिस्सा लिया तथा गाधीवादी दर्शन के महत्व पर अपने प्रभावशाली विचार प्रस्तुत कर रहे हैं। इस प्रतियोगिता में अवंतिका को प्रथम पुरस्कार मिला जबकि चादिनी को दूसरा तथा अर्शप्रीत को तीसरा पुरस्कार मिला। नंदिनी और सुखमनी को सात्वना पुरस्कार दिया गया। प्रतियोगिता में ऑनलाइन ही सभी ने गाधीवाद से जुड़े अपने विचारों को प्रकट किया। जहा प्रतिभागियों ने इतिहास में महात्मा गाधी से जुड़ी विभिन्न घटनाएं और साथ ही उनके द्वारा समाज में किए गए विकास कार्यो पर जोर दिया। साथ ही शाति के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों पर बात की। प्रतियोगीता के बाद प्रतिभागियों के साथ सवाल-जवाब से जुड़े राउंड का भी आयोजन किया गया। जहा प्रतिभागियों से महात्मा गाधी के जीवन से जुड़े सवाल जवाब पूछे गये।

अवंतिका ने कहा कि प्रतियोगिता में उन्होंने गाधीवाद और आज के युवाओं के विचारों पर लिखा आज भी कई युवा गाधीवाद के विचारों पर चलते हैं। कई युवा विभिन्न एनजीओ के साथ मिलकर शाति और सामाजिक विकास पर कार्य कर रहे हैं, जिससे हम यह कह सकते हैं कि भविष्य में भी सामाजिक विकास सर्वप्रथम रहेगा। अवंतिका ने कहा कि ऑनलाइन एजुकेशन के अलावा ऐसी प्रतियोगिताएं हमें ज्यादा से ज्यादा सामाजिक विकास से भी जोड़ती हैं ऐसे में इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर और प्रथम श्रेणी में आना सौभाग्य की बात रही। कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. निशा भार्गव ने इतिहास विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा की गाधीवादी दर्शन से विद्याíथयों को रूबरू कराने के लिए इस प्रकार के आयोजन मत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को महात्मा गाधी के जीवन दर्शन से सच्चाई, त्याग, दृढ़ता, राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता, करुणा इत्यादि कई बातें सीखने को मिलती हैं।

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