अटारी बॉर्डर पर करंट से हुई थी मौत, केंद्र को देना होगा 60 लाख मुआवजा
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने अटारी बॉर्डर पर करंट लगने से शिक्षक की मौत के मामले में केंद्र सरकार की अपील खारिज कर दी है। कोर्ट ने पीड़ित परिवार को 60 लाख रुपये से अधिक मुआवजा देने के आदेश को बरकरार रखा है। 2013 में रिट्रीट सेरेमनी देखने गए शिक्षक की टूटे जंक्शन बॉक्स से करंट लगने से मौत हो गई थी। कोर्ट ने बीएसएफ को आठ सप्ताह में ब्याज सहित मुआवजा देने का आदेश दिया है।

अटारी बॉर्डर पर करंट से हुई थी मौत, केंद्र को देना होगा 60 लाख मुआवजा (File Photo)
राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़। अमृतसर के अटारी बॉर्डर पर करंट लगने से एक शिक्षक की मौत केस में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट की खंडपीठ ने एकल पीठ द्वारा पीड़ित परिवार को 60 लाख रुपये से अधिक मुआवजा देने के आदेश के खिलाफ केंद्र की अपील खारिज कर दी है।
2013 में 32 वर्षीय शिक्षक नरेंद्र कुमार रिट्रीट सेरेमनी देखने अटारी बार्डर गए थे। समारोह खत्म होने के बाद भीड़ बढ़ी और इसी दौरान वे एक टूटे हुए जंक्शन बाक्स पर चढ़ गए। वहां बिजली का तार खुला हुआ था, जिससे उन्हें करंट लगा और उनकी मौत हो गई।
फरवरी 2023 में हाई कोर्ट की एकल पीठ ने घटना के लिए बीएसएफ और पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड दोनों को जिम्मेदार ठहराते हुए परिवार को मुआवजा देने का आदेश दिया था जिसे दोनों ने चुनौती दी थी।
जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस विकास सूरी की खंडपीठ ने माना कि दुर्घटना का स्थान बीएसएफ के विशेष नियंत्रण क्षेत्र में है, इसलिए बिजली निगम को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है।
केंद्र सरकार का यह तर्क कोर्ट ने खारिज कर दिया कि पीड़ित अपनी लापरवाही से अंदर घुसा। कोर्ट ने मुआवजा राशि पर 1 फरवरी 2023 से 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज जोड़ने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि बीएसएफ आठ सप्ताह के भीतर परिवार को पूरी मुआवजा राशि ब्याज सहित अदा करे।

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