चंडीगढ़, जेएनएन। पुलिस ने अमृतसर के अदलीवाल गांव में निरंकारी भवन पर बीते रविवार को हुए ग्रेनेड हमले में दूसरे आतंकी और मुख्य आरोपित अवतार सिंह को भी शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। उससे .32 बोर की दो पिस्टल बरामद हुई है जिसमें एक अमेरिका की बनी हुई है। इसके अलावा चार मैगजीन व 25 जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैैं। वारदात में प्रयोग पल्सर मोटरसाइकिल को भी बरामद कर लिया गया है। खालिस्तान से जुड़ा साहित्य भी बरामद हुआ है जो रेफरेंडम 20-20 से जुड़ा हुआ है।

अवतार को अजनाला की अदालत में पेश करके सात दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। हमले के तार पाकिस्तान के बाद इटली से भी जुड़ गए हैैं। अवतार सिंह पिछले कुछ समय से इटली में रहते परमजीत बाबा के लगातार संपर्क में था। पुलिस ने ब्यास में पड़ते परमजीत के घर में भी छापेमारी की है और उसके दो करीबियों को हिरासत में लिया है। 

चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत करते डीजीपी सुरेश अरोड़ा।

डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया अवतार सिंह के खि़लाफ़ पुलिस के पास पुख्ता सबूत थे। बुधवार को गिरफ्तार बिक्रमजीत सिंह से पूछताछ के बाद चक मिश्री खां निवासी अवतार सिंह को उसके चाचा तरलोक सिंह ट्यूबवेल वाले कमरे से गिरफ़्तार किया है। अवतार पुत्र गुरदयाल सिंह ग्रेजुएट है। वह अपने गांव में हकीम का काम करता था और उसका कोई भी पुराना पुलिस रिकार्ड नहीं है। उसके पास से हथियारों की बरामदगी पटियाला में बीते दिनों गिरफ्तार आतंकी शबनमदीप सिंह से पूछताछ के बाद हुई है।

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि अवतार पिछले कुछ महीनों से वाट्सएप के ज़रिये दुबई में रहते पाकिस्तानी नागरिक जावेद के लगातार संपर्क में था। पंजाबी बोलने वाले जावेद ने पीठ की समस्या के संबंध में अवतार से संपर्क किया था। धीरे-धीरे उससे सिखों के मामलों को जानना शुरू किया और बाद में सिखों के दुश्मनों को निशाना बनाने के लिए प्रेरित करने लगा। 

सीसीटीवी फुटेज में हमलावरों की फोटो।

जावेद ने कुछ माह पहले अवतार को पाकिस्तान में रहते हैप्पी से भी मिलवाया था जिसने आतंकी गतिविधियों में शामिल होने और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) व डेरा सच्चा सौदा के लोगों की हत्या करने को कहा। अवतार सिंह ने यह कबूला है कि उसके मामा का लड़का परमजीत सिंह बाबा निवासी बडाला, थाना ब्यास (अमृतसर) इटली में रहता है। परमजीत सिंह का बड़ा भाई सरबजीत सिंह पंजाब पुलिस में सिपाही था। वह केएलएफ में शामिल हो गया था लेकिन बाद में अमृतसर के रईया इलाके में पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।

दो माह पहले हथियारों का प्रबंध करने को कहा

अवतार ने बताया कि दो महीने पहले उसने परमजीत को हथियारों का प्रबंध करन के लिए कहा तो उसने जल्दी भेजने का भरोसा दिया। फिर परमजीत ने उसका पाकिस्तान में रहते हैप्पी के साथ संपर्क करवा दिया। हैप्पी ने भी उसको जल्दी हथियार भेजने का भरोसा दिया।
 

यहां फेंका गया था ग्रेनेड। (फाइल फोटो)

वाट्सएप पर मिला था संदेश

अक्टूबर के आखिर या नवंबर की शुरुआत में अवतार को एक विदेशी नंबर से वाट्सएप संदेश मिला जिसमें उस जगह का विवरण था जहां हथियारों को छुपा कर रखा गया था। वह बिक्रमजीत के साथ वहां गया और ग्रेनेड व अन्य हथियारों को ले आकर अपने क्लीनिक में छिपा दिया।  सत्संग भवन पर ग्रेनेड हमले के बाद अवतार को पाकिस्तान के नंबर से एक वाट्सएप संदेश मिला जिसमें उसकी सेहत बारे पूछने के साथ उसे तुरंत फ़ोन करने को कहा गया था। अवतार ने दावा किया कि उसने संदेश और फोन नंबर को अपने फ़ोन से तुरंत मिटा दिया था।

पाक में रहते हरमीत से भी संबंध

डीजीपी ने बताया कि अवतार के पाकिस्तान में रहते आइएसआइ समर्थक केएलएफ (खालिस्तान लिबरेशन फोर्स) के हरमीत सिंह हैप्पी उर्फ पीएचडी के साथ संबंधों का खुलासा हुआ है। हैप्पी आइएसआइ के इशारों पर पंजाब में सीमावर्ती क्षेत्रों के गरीब व भोलेभाले युवाओं को गुमराह कर आतंकवादी गतिïिवधियों के लिए प्रेरित करता है। हरमीत सिंह हैप्पी पर आरोप है कि उसी ने पंजाब के लुधियाना और जालंधर में शिवसेना, आरएसएस के नेताओं और पादरी का कत्ल करवाया था।

आरएसएस व डेरा सच्चा सौदा के खिलाफ

अवतार ने यह भी खुलासा किया है कि वह डेरा सच्चा सौदा, दिव्य ज्योति जागृति संस्थान, प्यारा सिंह भनियारावाला, विवादित सिख प्रचारकों, आरएसएस के नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ है। 2007 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की तरफ से गुरु गोबिंद सिंह जी के पहनावे की नकल करने पर हुए विरोध प्रदर्शन में भी उसने हिस्सा लिया था। इसके बाद वह सत्कार समिति का सक्रिय सदस्य बनकर विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेता रहा।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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