जेएनएन, चंडीगढ़। कर्मचारियों और पेंशनरों को उनके 27 फीसद लंबित बकाये की किश्तों में से 3 फीसद महंगाई भत्ते (DA) को देने का पंजाब सरकार ने ऐलान किया है। कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार ने इसे दीवाली का तोहफा बताया है, जबकि दूसरी ओर कर्मचारियों ने इसे नाकाफी बताया है। सरकार का दावा है कि वित्तीय संकट के बावजूद तीन फीसद डीए दिया गया है, कर्मचारियों का कहना है कि सरकार को कम से कम दो किश्तें अदा करनी चाहिए थीं।

कर्मचारियों और पेंशनरों के महंगाई भत्ते को एक नवंबर 2019 से दिया जाएगा। इससे खजाने पर 480 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने कहा कि राज्य की आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनरों के बकाये के निपटारे को यकीनी बनाया जाएगा।

उधर, कर्मचारी संगठन इससे नाराज हैं। कर्मचारी नेता गुरमेल सिंह सिद्धू ने बताया कि 3 फीसद महंगाई भत्ता एक जनवरी 2018 वाला दिया गया है। यानी 22 महीने बाद। हालांकि 2015 और 2017 की लंबित किश्तों के बारे में सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया है। इसके अलावा जुलाई 2018, जनवरी 2019 और जुलाई 2019 की किश्तें भी अभी लंबित हैं। कर्मचारी लंबे समय से इन किश्तों को रिलीज करने की मांग करते आ रहे हैं।

गुरमेल सिंह सिद्धू ने बताया कि जुलाई 2019 की किश्त को मिलाकर सरकार की ओर कर्मचारियों का 27 फीसद डीए की किश्तें लंबित हैं इसमें से आज सरकार ने मात्र 3 फीसदी दिया है। 24 फीसदी डीए की किश्तें अभी भी बकाया हैं। ऐसे में इसे दीवाली का तोहफा कैसे माना जा सकता है? उन्होंने कहा कि कम से कम सरकार को दो किश्तें तो अदा करनी चाहिए थीं।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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