चंडीगढ़, [डॉ. सुमित सिंह श्योराण ]। महिंद्रा ग्रुप के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष आनंद महिंद्रा के एक ट्वीट ने चंडीगढ़ निवासी 94 साल की इंटरप्रेन्योर को सेलिब्रिटी बना दिया है। महिंद्रा ने ट्वीट में कहा है कि इस उम्र में भी हरभजन कौर के जज्बे से दूसरों को सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कौर को इंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर..बताया है।

जिस उम्र में सीनियर सिटीजन को सिर्फ आराम करने की सलाह दी जाती है, उसमें नब्बे के पार हरभजन कौर किसी यंग इंटरप्रेन्योर की तरह पूरे जोश के साथ काम कर रही हैं। शहर के सेक्टर-36 स्थित मकान नंबर 1058 में रहने वाली हरभजन कौर के हाथों की बनाई मिठाई का स्वाद बेहद लाजवाब है। इसमें खास तौर से बेसन की बर्फी शामिल है। यह लोगों की फेवरेट बन चुकी है। ऑर्डर इतने हैं कि उनके पास उसे पूरा करने का समय भी कम पड़ जाता है।

हरभजन कौर के हाथों से तैयार मिठाई,अचार और चटनी के मुरीद लगातार बढ़ते जा रहे हैं। दैनिक जागरण के साथ बातचीत में कौर ने कहा कि वह मिठाई पैसे के लिए नहीं, बल्कि अपनी खुशी के लिए बनाती हैं। उन्हें खुशी है कि लोग उनका काम पसंद कर रहे हैं। बर्फी की खास रेसिपी को उन्होंने पिता स्व. जयराम सिंह चावला से सीखा। बर्फी बनाने का उनका अपना तरीका सौ साल से भी अधिक पुराना है।

हरभजन के द्वारा तैयार बेसन की बर्फी की बढ़ी डिमांड

सेक्टर-36 स्थित घर पर अपनी बेटी रवीना सूरी के साथ 94 साल की हरभजन कौर। उन्होंने कहा कि बेटी ने ही उनका सपना साकार करने में मदद की है।

 

 

मुझे काम करना अच्छा लगता है। पहले सिर्फ परिवार के लिए मिठाई बनाती थी, अब दूसरों को भी खिलाकर अच्छा लगता है। काम करने की कोई उम्र नहीं होती, बस इच्छा शक्ति हो तो किसी भी उम्र में मन का मुकाम हासिल किया जा सकता है। बेटी की वजह से आज दूसरों को खुशी दे पा रही हूं।

बेटी रवीना ने दिया साथ

हरभजन कौर की तीन बेटियां हैं। कुछ साल पहले पति की मौत के बाद कौर चंडीगढ़ में सबसे छोटी बेटी रवीना सूरी के पास रहने लगीं। रवीना ने बताया कि एक दिन उन्होंने मां से उनकी इच्छा के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि वह इस उम्र में भी खुद की मेहनत से कुछ करना चाहती हैं। इसके बाद तो घर से ही मां की फेवरेट बेसन की बर्फी बनाने की शुरुआत हुई ।

नाती मानव और नातिन मल्लिका भी इनके काम में कुछ मदद करते हैं। 850 रुपये किलो बेसन की बर्फी के लिए ऑर्डर की लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है। रवीना सूरी ने बताया कि कुछ समय पहले ही नातिन की शादी में 200 से अधिक परिजनों को निमंत्रण कार्ड के साथ हरभजन कौर द्वारा तैयार मिठाई ही बांटी गई थी।

सारा काम खुद करना हरभजन कौर की आदत

हरभजन कौर के घुटनों का ऑपरेशन हो चुका है, लेकिन उनमें काम करने का गजब का जुनून है। वह रोजाना सुबह पांच बजे से पहले उठ जाती हैं। दिन में लोगों द्वारा मिले ऑर्डर की तैयारी करती हैं। हर चीज अपने हाथों से तैयार करती हैं। खास ग्राहकों में हाई कोर्ट जस्टिस से लेकर शहर के कई बड़े लोग शामिल हैं। उन्होंने अपने सामान के लिए कभी किसी तरह की मार्केटिंग नहीं की।

हरभजन कौर ने बताया कि पहले वह प्लास्टिक के डिब्बों में मिठाई पैक करती थीं, लेकिन पर्यावरण की सुरक्षा को देखते हुए अब गत्ते के डिजाइन डिब्बे में मिठाई सप्लाई करती हैं। जिसकी टैग लाइन है .. हरभजन्स..बचपन याद आ जाए।

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Posted By: Vipin Kumar

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