यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 30, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एनसीबी की कांफ्रेंस में बोले गृह मंत्री अमित शाह- नशे के खिलाफ कठोर कानून के लिए राज्यों के साथ चल रही बात
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मादक पदार्थों की तस्करी व राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने चंडीगढ़ पहुंचे। सम्मेलन में ...और पढ़ें

जेएनएन, चंडीगढ़। गृह मंत्री अमित शाह मादक पदार्थों की तस्करी व राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय पर आयोजित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के उत्तरी राज्यों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चंडीगढ़ पहुंचे। अमित शाह ने कहा कि नशा आने वाली पीढ़ियों को खोखला करता है। इससे जो डर्टी मनी जनरेट होती है। वह देश को नुकसान पहुंचाती है।
अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब से कार्यभार संभाला था तभी से इसके खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। आजादी के अमृत महोत्सव को देखते हुए भी इसको खत्म करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके बेहतर परिणाम भी आए। विभिन्न विभागों के साथ मिलकर एनसीबी के माध्यम से यह लड़ाई लड़ी जा रही है।
गृह मंत्री ने कहा कि अकेले गृह मंत्रालय यह लड़ाई नहीं लड़ सकता, जो बच्चे इस दलदल में फंसे हैं उन्हें इससे दूर कर समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। गृह मंत्रालय कठोरता से यह लड़ाई लड़ रहा है। हमने बहुत से सुधार किए हैं। राज्यों को साथ जोड़कर जरूरी कदम उठाए। फारेंसिंग साइंस की सबसे अच्छी लैब उपलब्ध हों इस पर काम किया। कानून को कठोर करने के लिए सबके साथ बातचीत चल रही है।
सम्मेलन में पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, हिमाचल प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री राजीव सैजल भी मौजूद रहे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि इस सम्मेलन की अध्यक्षता के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार। मनोहर लाल ने कहा कि उत्तरी राज्य में नशे के अवैध कारोबार पर नकेल कसने के लिए रणनीति बनाने में यह सम्मेलन कारगर रहेगा।
हरियाणा के सीएम ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। युवा हमारी बहुत बड़ी ताकत हैं। देश में नशे के समस्या को नजरअंदाज नहीं कर सकते। मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा के दूसरे राज्यों के साथ लगते जिले नशे से प्रभावित हो रहे हैं। पंजाब और दिल्ली के साथ लगते जिलों में नशे की समस्या ज्यादा है।
हरियाणा के सीएम ने कहा कि राज्य में दूसरे राज्यों से नशे की खेप आ रही है। हरियाणा सरकार ने नशे के खिलाफ कई कारगर कदम उठाए हैं। हर महीने एनडीपीसी एक्ट में 200 से अधिक मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। पिछले एक साल में अब तक 2661 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। जून 2022 तक 253 ड्रग तस्करों से करीब 32 करोड़ की काली कमाई की जब्त की जा चुकी है।
- Manohar Lal (@manoharlalbjp) 30 July 2022
