चंडीगढ़-दिल्ली का सफर होगा आसान, जीरकपुर और डेराबस्सी के जाम से मिलेगा छुटकारा; समय भी बचेगा
अंबाला-मोहाली ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का पहला हिस्सा 15 दिसंबर को खुलने जा रहा है। इससे चंडीगढ़-दिल्ली के बीच यात्रा आसान होगी। ...और पढ़ें

अंबाला से मोहाली आईटी सिटी चौक तक का हिस्सा 15 दिसंबर को खोलने की तैयारी। (सांकेतिक फोटो)
HighLights
अंबाला-मोहाली एक्सप्रेसवे का पहला हिस्सा 15 दिसंबर को खुलेगा।
यह मार्ग दिल्ली-चंडीगढ़ यात्रा को 40-50 मिनट तेज करेगा।
जीरकपुर, डेराबस्सी के ट्रैफिक से मिलेगी राहत, कनेक्टिविटी सुधरेगी।
जागरण संवाददाता, मोहाली। दिल्ली से चंडीगढ़, पंजाब और हिमाचल प्रदेश जाने वाले वाहन चालकों को जल्द ही जाम से बचने का नया विकल्प मिल सकता है। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का अंबाला से मोहाली आईटी सिटी चौक तक का हिस्सा 15 दिसंबर को खोलने की तैयारी है।
करीब 121 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से अंबाला और मोहाली के बीच आवागमन आसान होगा और जीरकपुर तथा डेराबस्सी के व्यस्त मार्गों पर यातायात का दबाव घटने की उम्मीद है।
अंबाला से चंडीगढ़ और मोहाली आने वाले वाहन चालकों को जीरकपुर और डेराबस्सी के आसपास अक्सर ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता है। सप्ताहांत और व्यस्त समय में वाहनों की संख्या बढ़ने से सफर में अतिरिक्त समय लगता है।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे शुरू होने से वाहन चालकों को इन व्यस्त हिस्सों से बचकर आगे बढ़ने का विकल्प मिलेगा। इस मार्ग पर सफर करने से करीब 40 से 50 मिनट तक समय बचने का अनुमान है।
मोहाली से कुराली तक जुड़ा है दूसरा हिस्सा
एक्सप्रेसवे का अंबाला-मोहाली हिस्सा मोहाली आईटी सिटी से कुराली तक के करीब 31 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। यह हिस्सा पहले से वाहनों के लिए खुला है।
अंबाला-मोहाली पैकेज शुरू होने के बाद दोनों मार्गों के जरिए वाहन चालकों को अधिक सुविधाजनक सड़क संपर्क मिलेगा। इससे मोहाली, खरड़, कुराली और रूपनगर की ओर जाने वाले यात्रियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल और पंजाब जाने वालों को मिलेगा फायदा
दिल्ली से शिमला और मनाली की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह मार्ग उपयोगी होगा। अंबाला से मोहाली और आगे कुराली की ओर पहुंचकर वाहन चालक रूपनगर और कीरतपुर साहिब की तरफ जा सकते हैं।
पंजाब के अमृतसर और जालंधर जैसे शहरों की ओर जाने के लिए भी क्षेत्र के राजमार्ग नेटवर्क का इस्तेमाल किया जा सकता है। पठानकोट के रास्ते जम्मू और श्रीनगर की ओर जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलने की संभावना है।
एयरपोर्ट तक पहुंचने में भी मिलेगी सुविधा
मोहाली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी यह कॉरिडोर उपयोगी साबित हो सकता है। अंबाला और आसपास के क्षेत्रों से एयरपोर्ट की ओर आने वाले लोगों को शहरी यातायात से बचने का वैकल्पिक रास्ता मिलने की उम्मीद है।
