800 करोड़ से ज्यादा का दांव, 107 से ज्यादा ट्रेनों का नेटवर्क…अमेजन ने खोला अपने ‘डिलीवरी वॉर’ का राज
अमेजन इंडिया ने तेज डिलीवरी के लिए अपने लॉजिस्टिक्स नेटवर्क में 800 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है, ...और पढ़ें

अमेजन इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के ऑपरेशंस वाइस प्रेसिडेंट अभिनव सिंह।
HighLights
अमेजन ने लॉजिस्टिक्स में 800 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया।
भारतीय रेलवे के साथ 107 से अधिक ट्रेनों का नेटवर्क स्थापित।
तेज डिलीवरी के लिए दो बोइंग कार्गो विमानों का उपयोग।
अजय अग्निहोत्री, मोहाली (मोहाली)। ई-कॉमर्स की दुनिया में मुकाबला सिर्फ कीमत और ऑफर का नहीं है। असली लड़ाई अब इस बात की है कि ग्राहक के मोबाइल पर ऑर्डर करने के बाद उसका सामान कितनी तेजी से दरवाजे तक पहुंचता है।
अमेजन इंडिया ने इसी मोर्चे पर अपनी ताकत झोंक दी है। कंपनी ने देशभर में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क खड़ा करने में 800 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश किया है। रेलवे से लेकर एयरलाइंस और अपने कार्गो विमानों तक अमेजन अब डिलीवरी की रफ्तार को हथियार बनाकर मैदान में उतर रहा है।
अमेजन इंडिया और ऑस्ट्रेलिया के ऑपरेशंस वाइस प्रेसिडेंट अभिनव सिंह ने कंपनी के इस पूरे ऑपरेशन का खुलासा किया। सिंह के मुताबिक, 2019 में भारतीय रेलवे के साथ महज एक ट्रेन से शुरू हुआ सफर आज 107 से ज्यादा ट्रेनों तक पहुंच चुका है।
अमेजन का दावा है कि उसका रेलवे नेटवर्क लगातार विस्तार कर रहा है और कंपनी ने रेलवे के साथ मिलकर देशभर में तेज डिलीवरी की क्षमता को काफी मजबूत किया है। भारतीय रेलवे के साथ अमेजन की साझेदारी 2019 में शुरू हुई थी और 2024 में कंपनी ने बताया था कि उसका रेल नेटवर्क 120 से अधिक ट्रेनों और 130 इंटरसिटी रूट तक पहुंच चुका था।
डिलीवरी नेटवर्क पर पूरा जोर
सिंह ने कहा कि अमेजन ने सिर्फ सामान बेचने के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म नहीं बनाया, बल्कि उसके पीछे एक विशाल लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क को जोड़कर कंपनी देश के अधिक से अधिक हिस्सों तक तेज डिलीवरी पहुंचाने पर जोर दे रही है।
उनका कहना है कि 2019 में ट्रेन से शुरुआत की थी। आज की तारीख में 107 से ज्यादा ट्रेनों पर सामान जाता है। यानी ग्राहक के स्क्रीन पर दिखने वाला ‘ऑर्डर प्लेस्ड’ बटन दबने के बाद असली खेल शुरू होता है। पैकेज को एक शहर से दूसरे शहर पहुंचाने के लिए अमेजन ने मल्टी-मोडल नेटवर्क तैयार किया है।
रेलवे के बाद आसमान पर कब्जे की तैयारी
अमेजन यहीं रुकने के मूड में नहीं है। कंपनी ने अपने एयर कार्गो नेटवर्क में भी निवेश किया है। सिंह के अनुसार, अमेजन के पास दो बोइंग 737-800 कार्गो विमान हैं, जो देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने में इस्तेमाल किए जा रहे हैं। सिंह के मुताबिक, एयर नेटवर्क शुरू होने के बाद इस क्षेत्र में पैकेज की गति पांच गुना से भी ज्यादा बढ़ी है।
20 लाख से ज्यादा सेलर्स, कीमत की भी लड़ाई
डिलीवरी तेज करने के साथ अमेजन की दूसरी बड़ी बाजी सेलर्स पर है। सिंह के मुताबिक, इस फेस्टिव सीजन में 20 लाख से ज्यादा सेलर्स प्लेटफॉर्म पर शामिल होंगे।
यानी एक तरफ नेटवर्क तेज होगा, दूसरी तरफ सेलर्स की बड़ी संख्या ग्राहकों को कीमत और उत्पादों की ज्यादा वैरायटी देने की कोशिश करेगी। सिंह का कहना है कि अमेजन का फोकस तीन चीजों पर है-स्पीड, प्राइसिंग और कन्वीनिएंस। यही तीन मोर्चे ई-कॉमर्स की अगली बड़ी लड़ाई तय करने वाले हैं।
अमेजन नाऊ ने खोला नया मोर्चा
अगर सामान्य ई-कॉमर्स में एक-दो दिन की डिलीवरी की लड़ाई है तो अमेजन नाउ उससे भी आगे निकलने की कोशिश कर रहा है। सिंह के मुताबिक, कंपनी का यह बिजनेस लॉन्च होने के करीब एक साल में एक अरब डॉलर से ज्यादा के वार्षिक रन रेट तक पहुंच गया।
कंपनी अब इसे देश के सैकड़ों शहरों तक ले जाने की तैयारी में है और इसके लिए माइक्रो-फुलफिलमेंट सेंटर का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
