जागरण संवाददाता, चंडीगढ़ : रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिग अथारिटी (आरएलए) की ओर से फैंसी नंबरों की आक्शन में धोखाधड़ी करने वाले सेक्टर-21 निवासी अमनदीप को जिला अदालत ने जमानत दे दी। मंगलवार को केस की सुनवाई के दौरान आरोपित के वकील ने कहा कि पुलिस ने उसे झूठे केस में फंसाया है। उसने एक प्राइवेट कंपनी प्रीत मशींस लिमिटेड की तरफ से ही फैंसी नंबरों की आक्शन में हिस्सा लिया था, इसलिए उसने कोई धोखाधड़ी नहीं की। पुलिस को इस केस में उससे कुछ भी रिकवर नहीं किया जाना है इसलिए उसे और ज्यादा दिनों तक जेल में रखने की जरूरत नहीं है। पुलिस ने पूर्व रजिस्ट्रिंग एंड लाइसेंसिग अथारिटी विराट की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की थी।

अथारिटी ने सीएच01बीवाई सीरीज के फैंसी नंबरों के लिए आक्शन की थी। इसमें अमनदीप ने 0001 नंबर के लिए एक लाख रुपये की बोली लगाई। तभी किसी और ने इसी नंबर के लिए एक लाख रुपये से सीधा 15 लाख रुपये की बोली लगा दी। लेकिन उसी शख्स ने बाद में 0009 नंबर के लिए 16.03 लाख रुपये की बोली लगा दी और उसने 0001 नंबर छोड़ दिया। इस तरह 0001 नंबर नियमों के मुताबिक दूसरे नंबर पर सबसे बड़ी बोली लगाने वाले को मिलना था। ऐसे में ये नंबर एक लाख रुपये की बोली लगाने वाले अमनदीप को मिल गया। आरएलए को शक हुआ कि यह सब मिलीभगत से हुआ है। इसलिए जांच की गई तो पूरा खेल सामने आ गया। फिर मामला पुलिस तक पहुंचा और पुलिस ने आरोपित अमनदीप को गिरफ्तार की लिया था।

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