परगट सिंह के कमान संभालते ही पंजाब कांग्रेस में सब ठीक! दिल्ली में एक फ्रेम में नजर आए दिग्गज नेता; अब खत्म होगा कलह
पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त अध्यक्ष परगट सिंह ने दिल्ली में वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों और युवा नेतृत्व से मुलाकात की।
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परगट सिंह से मिले पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेता दिल्ली में एकजुटता का संदेश।
HighLights
परगट सिंह ने दिल्ली में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की
मुलाकात का उद्देश्य प्रदेश संगठन में एकजुटता का संदेश देना था
आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करेंगे
डॉ. सुमित सिंह श्योराण, चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह को नई जिम्मेदारी मिलने के बाद मंगलवार को दिल्ली में उनसे मुलाकात करने के लिए पहुंचे। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों, पूर्व विधायकों और युवा नेतृत्व ने परगट सिंह से मुलाकात कर उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं की मौजूदगी ने प्रदेश संगठन में एकजुटता का संदेश देने का प्रयास किया। पूर्व मंत्री त्रिपत राजिंदर सिंह बाजवा, सुख सरकारिया, भारत भूषण आशु, गुरप्रीत सिंह कांगड़, गुरकीरत सिंह कोटली समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने परगट सिंह से मुलाकात की।
पूर्व विधायक किकी ढिल्लों, इंदरबीर सिंह बुलारिया, सुखपाल सिंह भुल्लर और अंगद सैनी भी उन्हें बधाई देने पहुंचे। युवा नेतृत्व की ओर से पूर्व युवा कांग्रेस अध्यक्ष बरिंदर सिंह ढिल्लों, भगवानपाल सिंह सचर और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के अध्यक्ष ईशरप्रीत सिंह सिद्धू सहित कई नेताओं ने परगट सिंह से मुलाकात की।
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर जोर
परगट सिंह को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी ऐसे समय में मिली है, जब कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं और युवा चेहरों की उनके साथ मुलाकात को संगठन के भीतर नए नेतृत्व के प्रति समर्थन के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने परगट सिंह को शुभकामनाएं देते हुए पार्टी को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का संदेश दिया। पार्टी के भीतर यह संदेश देने की कोशिश है कि वरिष्ठ नेतृत्व के अनुभव और युवा कार्यकर्ताओं की ऊर्जा को साथ लेकर संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा।
परगट सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी नई ऊर्जा पैदा करने की कवायद शुरू हो गई है। पार्टी नेताओं का मानना है कि आने वाले समय में संगठन की एकजुटता और जमीनी सक्रियता ही कांग्रेस की चुनावी रणनीति का आधार बनेगी।
