जेएनएन, चंडीगढ़। Citizenship Amendment Bill: मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा नागरिकता संशोधन विधेयक का विरोध करने के अगले ही दिन शिरोमणि अकाली दल ने संसद में इस विधेयक को लाने के फैसले की प्रशंसा की है। पार्टी ने कहा है कि उसकी लंबे समय से ऐसे विधेयक की मांग थी जो अब पूरी हो रही है। साथ ही यह भी कहा कि यह विधेयक सभी धर्मों के पीड़ितों को अपने दायरे में ले। धर्म के आधार पर मुस्लिमों सहित किसी से भी पक्षपात नहीं होना चाहिए।

अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल के नेतृत्व में गांव बादल (मुक्तसर) में हुई कोर कमेटी की बैठक में इस ऐतिहासिक विधेयक के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृहमंत्री अमित शाह की सराहना की गई। नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने अकाली दल व सिखों सहित सभी अल्पसंख्यकों की चिरकालीन मांग पूरी कर दी है, जिन्होंने पाकिस्तान, अफगानिस्तान व बांग्लादेश में हुए अत्याचारों से तंग आकर भारत में शरण ली थी।

सुखबीर ने कहा कि पार्टी उन 75 हजार से ज्यादा सिखों का मुद्दा लगातार उठाती आ रही है जो 30 साल पहले अफगानिस्तान से भागकर आए थे तथा दिल्ली में बहुत मुश्किल हालात में रह रहे हैं। इन सिखों के अलावा हिंदुओं तथा अन्य भाईचारों के लोग भी पाकिस्तान तथा बांग्लादेश से भागकर आए थे और भारत में शरण मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई अधिकार नहीं मिले थे। कोर कमेटी ने कहा कि विधेयक में यह क्लॉज डाला जाना चाहिए कि जिन पीड़ित लोगों ने देश में शरण मांगी थी, उन सभी को बिना किसी धार्मिक भेदभाव के नागरिकता दी जाएगी।

बैठक में राज्य सभा सदस्य बलविंदर सिंह भूंदड़, प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा, जत्थेदार तोता सिंह, जनमेजा सिंह सेखों, गुलजार सिंह रणीके, महेश इंदर सिंह ग्रेवाल, सिकंदर सिंह मलूका, बिक्रम सिंह मजीठिया, डॉ. दलजीत सिंह चीमा, चरणजीत सिंह अटवाल, शरणजीत सिंह ढिल्लों, सुरजीत सिंह रखड़ा, बलदेव सिंह मान आदि मौजूद थे।

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Posted By: Kamlesh Bhatt

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