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'AI डाॅक्टरों की जगह नहीं लेगा, इलाज को अधिक प्रभावी बनाएगा'; चंडीगढ़ PGI के फाउंडेशन डे पर बड़ा संदेश

Published: Mon, 07 Sep 2026 07:20 PM (IST)

एआई डाॅक्टरों की जगह नहीं लेगा, बल्कि इलाज को अधिक प्रभावी बनाएगा। पीजीआई चंडीगढ़ के 63वें स्थापना दिवस पर यह संदेश बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने दिया।

पीजीआई के 63वें स्थापना दिवस समारोह में संबोधित करते बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी।

पीजीआई के 63वें स्थापना दिवस समारोह में संबोधित करते बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी।

HighLights

  1. एआई डाक्टरों की क्षमता बढ़ाएगा, सटीक जानकारी देगा।

  2. पीजीआई में एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर शुरू।

  3. संस्थान की बेड क्षमता बढ़कर 3000 हुई, बेहतर सुविधा।

जागरण संवाददाता, चंडीगढ़। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव ला सकता है, लेकिन इसका उद्देश्य डाॅक्टरों की जगह लेना नहीं, बल्कि उनकी क्षमता बढ़ाना होना चाहिए।

एआई की मदद से डाक्टर मरीज की मेडिकल रिपोर्ट, पैथोलाजी रिपोर्ट और शोध से जुड़ी बड़ी मात्रा में जानकारी कम समय में समझकर इलाज को और प्रभावी बना सकते हैं। यह बात बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने सोमवार को पीजीआई के 63वें स्थापना दिवस समारोह में कही।

कुलपति ने कहा कि एआई स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाएं पैदा कर रहा है। इसका सही इस्तेमाल डाॅक्टरों को बेहतर निर्णय लेने में मदद कर सकता है। मरीज से जुड़ी विभिन्न रिपोर्ट और उपलब्ध मेडिकल जानकारी को कम समय में समझने में एआइ उपयोगी साबित हो सकता है।

हालांकि अंतिम निर्णय और मरीज के उपचार में डाॅक्टर की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने पीजीआई को देश की स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति बताया।

उन्होंने कहा कि संस्थान ने चिकित्सा उपचार, शिक्षा और शोध के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है। बदलती स्वास्थ्य जरूरतों के साथ तकनीक और आधुनिक संसाधनों का इस्तेमाल जरूरी है।

पीजीआई निदेशक प्रो. विवेक लाल ने संस्थान की उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर और एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर शुरू होने से संस्थान में करीब 800 बेड की क्षमता बढ़ी है।

पहले पीजीआई में करीब 2200 बेड थे, जो अब बढ़कर करीब 3000 हो गए हैं। उन्होंने कहा कि नए केंद्र शुरू होने से मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

साथ ही गंभीर और जटिल बीमारियों के उपचार के लिए संस्थान की क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई है। पीजीआइ लगातार चिकित्सा सेवाओं के साथ शोध और तकनीक के क्षेत्र में भी अपनी सुविधाओं का विस्तार कर रहा है।

35 कर्मचारियों को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मान

पीजीआई के 63वें स्थापना दिवस समारोह में संस्थान के 35 कर्मचारियों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इनमें विभिन्न विभागों के डाक्टर, नर्सिंग अधिकारी, लैब तकनीशियन, प्रशासनिक कर्मचारी और सुरक्षा कर्मी शामिल रहे।

मुख्य अतिथि बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने निदेशक प्रो. विवेक लाल समेत संस्थान के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में सभी सम्मानित कर्मचारियों को प्रशंसा प्रमाणपत्र और स्मृति चिह्न प्रदान किए।