कैलाश नाथ, चंडीगढ़। कांग्रेस के पूर्व पंजाब प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंबिका सोनी का नाम लिए बगैर जाखड़ ने कहा कि जाति में बांटने वाले लोगों ने पंजाब को बदनाम किया है। उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। जाखड़ ने यह भी कहा कि कांग्रेस की विचारधारा धर्मनिरपेक्षता की है। जब कांग्रेस ने उन्हें प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाया तब वह लोग क्यों नहीं बोले। पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने डा. मनमोहन सिंह को देश का प्रधानमंत्री बनाए था। तब तो सवाल नहीं उठे थे।

बता दें, सुनील जाखड़ पंजाब के मुख्यमंत्री पद के लिए सबसे प्रबल दावेदार थे। कांग्रेस पार्टी के प्रभारी हरीश रावत व पर्वेक्षक अजय माकन और हरीश चौधरी ने कांग्रेस के विधायकों से जो फीडबैक लिया, उसमें 40 विधायकों ने जाखड़ के हक में हामी भरी, लेकिन अंबिका सोनी ने राहुल गांधी के साथ मुलाकात करके कहा कि पंजाब में पगड़ीधारी को ही मुख्यमंत्री होना चाहिए।

माना जा रहा है कि अंबिका सोनी के हस्तक्षेप और इस तरह के बयान देने के बाद ही जाखड़ का पत्ता कट गया था, क्योंकि अंबिका सोनी गांधी परिवार की सबसे करीबी नेताओं में से मानी जाती हैं। अंबिका सोनी के हस्तक्षेप के बाद मुख्यमंत्री पद से महरूम रहे जाखड़ ने कहा, पंजाब की धरती और कांग्रेस के नेताओं द्वारा इस तरह की बात करना शोभा नहीं देता है। अगर आरएसएस वाले यह बात कहें तो समझ में आता है, लेकिन पंजाब कांग्रेस के नेता इस तरह की बात करें तो इससे पंजाब बदनाम होता है, क्योंकि गुरु तेग बहादुर जी को हिंद की चादर कहा जाता है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता के लिए शहादत दी थी।

जाखड़ ने कहा कि पंजाब का धर्मनिरपेक्षता से बहुत पुराना व गहरा रिश्ता है। जाखड़ यही नहीं रुके उन्होंने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के बयान ‘मुख्यमंत्री सिख है या हिंदू यह सेकेंडरी है’ की कटिंग को शेयर करते हुए लिखा श्री अकाल तख्त साहब के जत्थेदार के दूरंदेशी शब्द इससे बेहतर समय पर नहीं आ सकते थे, जब छोटे दिमाग वाले छोटे लोग उच्च पद पर आसीन व्यक्ति को जाति के आधार पर पंजाब को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें इसके लिए माफी मांगी चाहिए।

बता दें, मुख्यमंत्री की दौड़ से हटने के बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी हरीश रावत ने सुनील जाखड़ को डिप्टी सीएम बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इससे इन्कार कर दिया। इसके बाद कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी जाखड़ को फोन कर डिप्टी सीएम की भूमिका में आने का आफर दिया था, इस प्रस्ताव को भी उन्होंने ठुकरा दिया।

Edited By: Kamlesh Bhatt