चंडीगढ़, जेएनएन। वर्ष 2013 के बाद से ही मैं डिप्रेशन में रहा। मुझे नहीं पता था कि कैसे जीया जा सकता है। मेरी पहली फिल्म आई, अवार्ड भी मिला। मगर केस की वजह से मैं अपने काम पर फोकस नहीं कर पा रहा था। ऐसे में मेरी मां मे मेरा साथ दिया पिछले चार वर्ष मेरे लिए बहुत मुश्किल से बीते। मां ने मुझे सहारा दिया। दोबारा अभिनय कर पाना भी इसी वजह से कामयाब हुआ। चंडीगढ़ पहुंचे एक्टर सूरज पंचोली कुछ इसी अंदाज में पिछले चार वर्षों के जीवन के बारे में बताते हैं।

वह वीरवार को अपनी फिल्म सैटेलाइट शंकर के लिए यहां पहुंचे। सूरज पर उनकी पूर्व गर्लफ्रैंड जीया खान के आत्यहत्या के लिए उकसाने पर ट्रायल चल रहा है। उन्होंने कहा कि केस के दौरान उनके दोस्तों ने उन्हें बहुत सपोर्ट किया। कई लोग मुझे जज भी करते थे, मगर मेरी मां ने मुझे पूरा समर्थन दिया। हालांकि सूरज ने पूरी बातचीत के बीच एक बार भी अपने पिता आदित्य पंचोली का नाम नहीं लिया। सूरज की पहली फिल्म के चार साल बाद फिल्म सैटेलाइट शंकर शुक्रवार को रिलीज होगी।

हीरो के लिए मिला था बेस्ट न्यू कमर अवार्ड

वर्ष 1990 में जन्मे सूरज पंचोली ने 2015 में रोमांटिक एक्शन फिल्म हीरो के जरिये बॉलीवुड में एंट्री की थी। इसके लिए उन्हें फिल्म फेयर बेस्ट न्यू कमर अवार्ड भी मिला था। वह कई फिल्मों के असिस्टेंट डायरेक्टर भी रहे हैं। इनमें गुजारिश और एक था टाइगर प्रमुख हैं।

 

Posted By: Pankaj Dwivedi

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप

ਪੰਜਾਬੀ ਵਿਚ ਖ਼ਬਰਾਂ ਪੜ੍ਹਨ ਲਈ ਇੱਥੇ ਕਲਿੱਕ ਕਰੋ!